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पॉलीथिन पर प्रतिबंध का राजगीर में नहीं दिख रहा असर

Updated at : 12 Nov 2025 8:40 PM (IST)
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पॉलीथिन पर प्रतिबंध का राजगीर में नहीं दिख रहा असर

सिंगल यूज प्लास्टिक और अमानक पॉलीथिन सेहत के लिए हानिकारक है. उससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है.

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प्रतिनिधि, राजगीर. सिंगल यूज प्लास्टिक और अमानक पॉलीथिन सेहत के लिए हानिकारक है. उससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है. कोर्ट के आदेश पर केन्द्रीय और राज्य सरकार द्वारा उसके उपयोग, बिक्रय, भंडारण और उत्पादन वर्जित किया गया है. यह कानून पूरे देश में वर्षों से लागू है. लेकिन कारोबारियों से लेकर आम जनता पर उसका कोई असर नहीं है. प्रतिबंधित कानून लागू होने के वर्षों बाद भी पर्यटक शहर राजगीर में इसका असर कहीं नहीं दिख रहा है. पहले की तरह ही बेखौफ होकर धड़ल्ले से प्रतिबंधित प्लास्टिक और अमानक पाॅलीथिन में खाने पीने के सामानों की खरीद – बिक्री हो रही है. पर्यटक शहर के सभी क्षेत्रों के दुकानदार, सब्जी – फल बिक्रेता, मीट – मछली बिक्रेता, किराना दुकान से लेकर मिठाई – दवाई दुकान तक रोक के बाद भी प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल कर रहे हैं. प्रशासनिक शिथिलता, उपेक्षा, उदासिनता और स्वेच्छाचारिता के कारण प्रतिबंध का कोई असर राजगीर में कहीं नहीं दिख रहा है. पर्यटक शहर राजगीर में प्रतिबंधित पॉलीथिन का खुलेआम चरम पर उपयोग किया जा रहा है. बावजूद पर्यटक शहर में पॉलीथिन भंडारण करने वालों, बेचने वालों व खरीदने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रतिबंध लागू कराने के लिए कोई सरकारी टीम भी सड़़क पर नहीं पहुंच रही है. थोक बिक्रेता कारोबारी को बेहिचक प्रतिबंधित पॉलीथिन उपलब्ध करा रहे हैं। दुकानदार उसमें सामान बेचते हैं. पॉलीथिन पर प्रतिबंध को लेकर प्रशासन तनिक भी सजग नहीं दिख रहा है. जिंदगी में जहर घोल रही अमानक पॉलीथिन पृथ्वी पर जहर घोल रही पॉलीथिन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है. हर आदमी इससे होने वाली हानि को जानते हुए भी अनजान बने हैं. दैनिक इस्तेमाल की वस्तुओं से लेकर खान पान की गर्म चीजों को इनमें रखा और परोसा जा रहा है. वह नुकसान का दायरा और बढ़ा देती है. खाली हाथ बाजार आने वाले लोग ही पॉलीथिन में सामान खरीदते हैं. इसे कूड़े के तौर पर सड़कों, गलियों और नदी- नालों में फेंकी जाती है. कचरे के ढेर से लेकर खेत, खलिहान, नदी, नाले, आहर, नहर पइन, पोखर तक पॉलीथिन का साम्राज्य कायम है. इसको जलाने से पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. उससे लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है. इसके बाद भी लोग उसका इस्तेमाल बंद नहीं कर रहे हैं. प्रशासनिक पदाधिकारी कानून को धरातल पर उतारने में खास दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. — थोक व्यापार पर रोक लगने से होगा असर दुकानदारों का कहना है कि अमानक पॉलीथिन का निर्माण, भंडारण और बिक्री बंद करने के बाद इसका उपयोग स्वत: बंद हो जायेगा. फैक्ट्रियों में इसका उत्पादन नहीं होगा तो कारोबारी ग्राहकों को पॉलीथिन में सामान कहां से देंगे. — अधिकारी बोलीं सिंगल यूज प्लास्टिक और अमानक पॉलीथिन के उपयोग, बिक्रय, भंडारण और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए नगर परिषद द्वारा शीघ्र अभियान चलाया जायेगा. कानून को हर हाल में अनुपालन कराया जायेगा। शहर को अलग अलग जोन में बांटकर और टीम गठित कर सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन भंडारण, बिक्रय एवं उपयोग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किया जायेगा. सुश्री कृष्णा जोशी, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, राजगीर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANTOSH KUMAR SINGH

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