कोर्ट ने दामाद व समधी को सुनाई उम्रकैद की सजा

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कोर्ट ने दामाद व समधी को सुनाई उम्रकैद की सजा

जिला व्यवहार न्यायालय ने एक पारिवारिक विवाद में पिता की हत्या के मामले में सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया.

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बिहारशरीफ. जिला व्यवहार न्यायालय ने एक पारिवारिक विवाद में पिता की हत्या के मामले में सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया. सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संजीव कुमार सिंह की अदालत ने दामाद लल्लू यादव, समधी राजबल्लभ यादव, और एक अन्य अभियुक्त धनुषधारी यादव को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त 6 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा. अदालत ने अभियुक्त धनुषधारी यादव को शस्त्र अधिनियम के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है. यह राशि न भरने पर अतिरिक्त 3 महीने की सजा होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. मामला वर्ष 2019 में दर्ज किया गया था, जिसमें सूचक जीतू कुमार ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन निशा कुमारी उर्फ प्रीति को शादी के बाद से ही दामाद लल्लू यादव और उसके परिवार वालों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था. पति लल्लू यादव, निशा को उसके ससुराल लोदीपुर, शेखपुरा नहीं ले जा रहा था, जिससे दोनों परिवारों में विवाद गहराता गया. इस पारिवारिक तनाव ने एक हिंसक मोड़ तब ले लिया जब 22 जुलाई 2019 की शाम करीब 5:30 बजे, सूचक जीतू कुमार अपने पिता मनोहर यादव के साथ ग्राम हुसैना बीघा में घी लेने जा रहा था. गांव के हरखित दास के घर के पास पहले से घात लगाए बैठे अभियुक्तों ने मनोहर यादव को सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी. लल्लू यादव (दामाद), राजबल्लभ यादव (समधी), धनुषधारी यादव (सह-अभियुक्त, पटना जिले के सरकरायनगर निवासी). लल्लू यादव और राजबल्लभ यादव, शेखपुरा जिले के लोदीपुर गांव के निवासी हैं. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों ने अदालत में बयान दर्ज कराया. अभियोजन का नेतृत्व अधिवक्ता श्री कुमार ने किया, जबकि आरोपितों की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार रस्तोगी एवं कनीय अधिवक्ता प्रमोद कुमार ने पक्ष रखा. न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि घरेलू विवाद को हिंसा और हत्या में बदल देना एक गंभीर आपराधिक कृत्य है, जिसे समाज में कोई स्थान नहीं मिल सकता. इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सूचक जीतू कुमार ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि पिता की हत्या के पीछे जिन लोगों का हाथ था, आज उन्हें कानून ने सजा दी है.

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