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सरकारी विद्यालयों का संचालन 9:30 से 4:00 बजे तक

Updated at : 04 Dec 2025 10:32 PM (IST)
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सरकारी विद्यालयों का संचालन 9:30 से 4:00 बजे तक

शिक्षा विभाग के द्वारा सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, संस्कृत विद्यालय तथा मदरसा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए मॉडल टाइम टेबल जारी किया गया है.

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बिहारशरीफ. शिक्षा विभाग के द्वारा सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, संस्कृत विद्यालय तथा मदरसा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए मॉडल टाइम टेबल जारी किया गया है. नए टाइम टेबल के अनुसार सरकारी विद्यालयों का संचालन 9:30 बजे पूर्वाह्न से 4:00 बजे अपराह्न तक किया जायेगा. 9:30 बजे पूर्वाह्न से 10:00 बजे के बीच चेतना सत्र आयोजित की जायेगी. इसमें बच्चों का गेटअप, पोशाक, बाल, नाखून आदि की जांच की जायेगी. इसके बाद प्रार्थना, बिहार गीत, सामान्य ज्ञान तथा अन्य विषयों पर चर्चा की जायेगी. अंत में जन गण मन राष्ट्रीय गीत के साथ चेतना सत्र का समापन होगा. कार्यक्रम का प्रसारण लाउडस्पीकर के माध्यम से किया जायेगा. सभी विद्यालयों में 10:00 बजे पहली घंटी शुरू होगी, तथा प्रत्येक घंटी 40 मिनट की होगी. लगातार तीन घंटी पढ़ाई होने के बाद 40 मिनट का मध्यांतर भी किया जायेगा. मध्यांतर के बाद सभी स्कूलों में पांच घंटी की पढ़ाई होगी. हालांकि इसके साथ ही साथ छात्र-छात्राओं के बहुमुखी विकास के लिए भी शिक्षा विभाग के द्वारा प्रयास किया गया है. इसके तहत हर रोज, हर वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए खेलकूद, संगीत, नृत्य तथा पेंटिंग आदि की एक घंटी आयोजित की जायेगी. एक साथ सभी कक्षाओं के लिए कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जायेगा. परीक्षा के दौरान भी संचालित होगी कक्षाएं : विद्यालय में यदि किसी कक्षा की बोर्ड अथवा सेंटअप परीक्षा ली जा रही हो तो अन्य कक्षाओं को स्थगित नहीं किया जायेगा. अन्य कक्षाओं में अध्यापन का कार्य चलते रहेगा. शनिवार को विद्यालय में पूरे दिन विभिन्न गतिविधियां जारी रहेगी. मध्यांतर तक माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापन कार्य होगा. भोजनावकाश, मध्यांतर के बाद बाल संसद, सभा, खेल-कूद, सृजनात्मक गतिविधि, अभिभावकों के साथ बैठक आदि आयोजित की जायेगी. संस्कृत बोर्ड तथा राजकीय उर्दू विद्यालय भी इस मॉडल टाइम-टेबल का पालन करेंगे. कमजोर बच्चे बैठेंगे आगे की पंक्ति में : सभी वर्ग शिक्षक कक्षा में अपेक्षाकृत कमजोर बच्चों को आगे की पंक्तियों में अनिवार्य रूप से बैठायेंगे. प्रत्येक वर्ग में छात्र एवं छात्राएं एक साथ बैठेंगे. प्रत्येक दिन छात्र-छात्राओं को गृह कार्य देना एवं अगले दिन उसकी जांच करना प्रत्येक शिक्षक का दायित्व होगा. निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा कराने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी. प्रतिदिन विद्यालय परिसर, वर्गकक्ष, रसोईघर एवं शौचालय आदि की साफ-सफाई सुनिश्चित करायी जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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