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अतिकुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र बना वरदान

Updated at : 03 Dec 2025 9:20 PM (IST)
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अतिकुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र बना वरदान

कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र वरदान साबित हो रहा है.

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शेखपुरा. कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र वरदान साबित हो रहा है. इस केंद्र में एक माह से पांच साल के कुपोषित बच्चों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है. इस दौरान चिकित्सक की देखरेख में जरूरत के अनुसार दवा मुहैया कराने के साथ ही पोषणयुक्त आहार दिया जाता है. सबसे अच्छी बात यह है बच्चों के साथ साथ उनके मां को भी साथ में रहने खाने-पीने की मुफ्त व्यवस्था उपलब्ध है. इस पोषण पुनर्वास केंद्र से कुपोषित बच्चों को बड़ी राहत मिल रही है.बर्ष 2025 में जनवरी माह से नवम्बर महीने तक 175 लोगों को यहां इलाज किया जा चुका है. इस संबंध में पोषण पुनर्वास केंद्र की प्रभारी चिकित्सक डॉ अनमोल कुमारी ने बताया कि यहां बच्चे को अधिकतम 21 दिनों तक रखने की सुविधा है. कई बच्चे जल्द ठीक होते है लेकिन 21 दिनों में अधिकांश बच्चे स्वास्थ होकर अपने घर जा रहे है. कुपोषित बच्चे के जीवन में पोषण पुनर्वास केंद्र बड़ा बदलाव ला रहा है. 20 बेड की क्षमता का है पोषण पुनर्वास केंद्र पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को मुफ्त आवासीय व्यस्था मिल रही है. बच्चों को उचित देखरेख और खानपान के माध्यम से स्वास्थ्य किया जाता है.20 बेड क्षमता वाले पोषण पुनर्वास केंद्र में अभी 11 बच्चे है. यहां बच्चो के साथ उनकी मां के रहने की उचित व्यवस्था है साथ ही बच्चों के खानपान,खेलने और जीवन शैली में सुधार की जानकारी दी जा रही है. अपने बच्चों के साथ इलाज में आवासीय व्यस्था में मां को भी रहनी को यहां की अच्छी व्यवस्था है.समय पर खान पान के साथ डॉक्टर और कर्मियों के द्वारा निगरानी की जाती है. सात दिनों में ही बच्चों के पोषण में सुधार आने लगता है. सरकार की व्यवस्था पर इलाज को पहुंची माताओं ने खुशी जताया. यहां से सुधार के बाद उसका फालोअप भी किया जाता है. मुफ्त दी जाती है पोषणयुक्त आहार मां-पिता के आर्थिक स्थित ठीक नहीं होने के कारण परिवार के लोग जन्म के साथ ही बच्चों को पौष्टिक आहर और सही देखभाल नहीं कर पाते. जिसके कारण बच्चा लगातार कमजोर होते चला जाता और जिस उम्र में फर्राटे से दौड़ना और खेलना चाहिए उस उम्र में बच्चे बीमार हो जाते हैं.यहां उचित देखरेख के साथ मीनू के अनुसार खाना के साथ दूध, अंडा और पौष्टिक आहार मुहैया कराया जाता है.जिससे बच्चों का शारीरिक विकास तेजी से होने लगता है.साथ ही बच्चों के मां को भी एक सौ रुपया के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि अन्य बच्चों के परिवार के लोग जागरूक हो बच्चे का इलाज कराने पहुंचे ताकि समाज और देश कुपोषण मुक्त हो सके. कुपोषण से मृत्यु दर में कमी लाना है उद्देश्य पोषण पुनर्वास केंद्र में एक विशेष चिकित्सक,दो वार्ड अटेंडेंट,दो नर्स सहित नौ कर्मी तैनात जो 24×7 सेवा देते है ताकि वहां आवासीय व्यस्था में बच्चों का सही इलाज हो सके.ताकि पोषण पुनर्वास केंद्र का उद्वेश्य कुपोषण से पीड़ित व्यक्तियों, विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं को पोषण संबंधी सहायता प्रदान हो, वे अपने स्वास्थ्य और विकास को पुनः प्राप्त कर सके.इसके साथ ही कुपोषण से संबंधित मृत्यु दर में कमी ला सके और आम लोगों के जीवन में सुधार और उनकी गुणवत्ता में वृद्धि हो सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANTOSH KUMAR SINGH

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