नालंदा में टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली रफ्तार. 13 दिनों में 1.33 लाख से अधिक लोगों की हुई स्क्रीनिंग

Author Kanchan kumar|Edited by Amlesh prasad
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नालंदा में टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली रफ्तार. 13 दिनों में 1.33 लाख से अधिक लोगों की हुई स्क्रीनिंग

नालंदा में टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली रफ्तार. 13 दिनों में 1.33 लाख से अधिक लोगों की हुई स्क्रीनिंग | Prabhat Khabar Network

नालंदा में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 13 दिनों में 1.33 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य विभाग टीबी के खात्मे के लिए लगातार जुटा है।

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बिहारशरीफ (नालंदा). जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा विशेष स्क्रीनिंग अभियान लगातार गति पकड़ रहा है. जिलाधिकारी उदिता सिंह के निर्देश पर जिले के सभी 20 प्रखंडों में 2 जुलाई से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग की जा रही है. अभियान का उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की समय रहते पहचान कर उनका तत्काल इलाज शुरू करना और संक्रमण की श्रृंखला को रोकना है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर जांच और उपचार से टीबी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है. सिविल सर्जन ने बताया कि अभियान के तहत प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, गांवों और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की टीबी स्क्रीनिंग कर रही हैं. इस कार्य में चिकित्सकों के साथ आशा कार्यकर्ता, एएनएम, स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य चिकित्सा दल समन्वय के साथ जुटे हुए हैं. अभियान के लिए प्रतिदिन 26,450 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की जांच कर संभावित मरीजों की पहचान की जा सके. उन्होंने बताया कि 2 जुलाई 2026 से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत अब तक जिले में 1,33,590 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है. वहीं, 14 जुलाई 2026 को एक ही दिन में जिले के सभी प्रखंडों में 21,339 लोगों की स्क्रीनिंग की गई. स्वास्थ्य विभाग ने इसे अभियान के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत का सकारात्मक परिणाम बताया है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्क्रीनिंग के दौरान टीबी के लक्षण पाये जाने वाले लोगों की तत्काल जांच कर आवश्यकतानुसार उपचार शुरू किया जा रहा है. विभाग का प्रयास है कि कोई भी संभावित मरीज जांच और इलाज से वंचित न रहे. इसके लिए सभी प्रखंडों में नियमित रूप से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोग खांसी, बुखार, वजन कम होना और अन्य लक्षणों को नजरअंदाज न करें तथा समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराएं. जिलाधिकारी उदिता सिंह ने कहा है कि टीबी मुक्त नालंदा का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब आम जनता भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाए. उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और उपचार पूरा करें. स्वास्थ्य विभाग ने विश्वास जताया है कि जनसहभागिता, समय पर स्क्रीनिंग और नियमित उपचार के माध्यम से नालंदा जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकेगा.

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