नालंदा में 564 एकड़ में बनेगा नया इंडस्ट्रियल हब, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार का मौका, DM ने किया निरीक्षण

इंडस्ट्रियल हब की AI इमेज
नालंदा जिले के ब्रह्मगावां में 564 एकड़ भूमि पर एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा. डीएम उदिता सिंह ने स्थल निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया. इस परियोजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है.
नालंदा जिले में औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत इस्लामपुर प्रखंड के ब्रह्मगावां में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र का जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रस्तावित परियोजना की प्रगति, भूमि की स्थिति तथा विकास की संभावनाओं का जायजा लिया. इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र लगभग 564 एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना नालंदा के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी. इसके विकसित होने से जिले में नए उद्योग स्थापित होंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.
ग्रामीणों से संवाद और फूड प्रोसेसिंग को प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय ग्रामीणों और किसानों से सीधे संवाद किया. उन्होंने परियोजना के उद्देश्य और उससे मिलने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी तथा ग्रामीणों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं भी सुनीं.
उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा और रोजगार के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा.
डीएम ने बताया कि कृषि प्रधान नालंदा को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी. इससे जिले में उत्पादित धान, गेहूं, मक्का, सब्जियां, फल एवं अन्य कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन हो सकेगा.
किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा जनरल फैब्रिकेशन एवं मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना भी प्रस्तावित है. इससे छोटे एवं मध्यम स्तर के तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और मशीन निर्माण, इंजीनियरिंग तथा अन्य औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा.
औद्योगिक क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा.
रोजगार के अवसर और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
डीएम ने कहा कि परियोजना के शुरू होने के बाद जिले के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से अन्य राज्यों में होने वाले पलायन में कमी आएगी और युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार उपलब्ध हो सकेगा.
उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास के साथ आसपास के इलाकों में सड़क, बिजली, जलापूर्ति, परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार होगा. इससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी.
बिहार के औद्योगिक मानचित्र पर मिलेगी नई पहचान
डीएम उदिता सिंह ने कहा कि प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र नालंदा को बिहार के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह परियोजना औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार, किसानों की आय में वृद्धि तथा जिले के समग्र आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेगी.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए.
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