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नियमों की अनदेखी ने उजाड़े परिवारों का सहारा

Updated at : 26 Nov 2025 8:57 PM (IST)
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नियमों की अनदेखी ने उजाड़े परिवारों का सहारा

चंद पैसों के लिए यातायात में नियमो की अनदेखी के बाद एक ही दिन छह जनाजे उठा दिए. मंगलवार को शेखपुरा सिकंदरा मुख मार्ग पर मनिंडा गांव के बीच ट्रक और टेंपो की टक्कर ने 6 जाने चली गयी.

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शेखपुरा. चंद पैसों के लिए यातायात में नियमो की अनदेखी के बाद एक ही दिन छह जनाजे उठा दिए. मंगलवार को शेखपुरा सिकंदरा मुख मार्ग पर मनिंडा गांव के बीच ट्रक और टेंपो की टक्कर ने 6 जाने चली गयी. दुर्घटना में बेंगुचा गांव में तीन मौत हुई. दो अलग-अलग घरों में तीन मौत के मातम की चीत्कार थमने का नाम नही ले रहा है. ग्रामीणों ने बताया की गांव के नरेश यादव का पुत्र के राहुल कुमार अपनी मां आशा देवी को कैंसर का इलाज करने के लिए पटना लेकर जा रहा था. ग्रामीण बताते हैं कि उनकी मां आशा देवी अपने पुत्र को इलाज के लिए मना करती रही,क्योंकि वह बीमारी से जितने की हिम्मत हार चुकी थी. मंगलवार को मां बेटे के का यह मार्मिक कहानी मां के साथ बेटे की भी सड़क हादसे में मौत का कारन बन गया. इस घटना से आहात मृतक के पिता नरेश यादव के कंठ से कोइ बात ही बाहर नहीं आ रही,बस वे फफक कर रो रहे. बीमार पत्नी और जवान बेटे की मौत ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया कि उनके मुंह से कुछ आवाज नहीं निकल रही. नरेश यादव के दो बेटों में से राहुल छोटा पुत्र था, बड़ा बेटा अविनाश बाहर में मेहनत मजदूरी करता है. नरेश यादव की तीन पुत्री थी जिसमें दो कि वह शादी कर दिए थे. छोटी पुत्री की शादी अभी बाकी है. परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया है. बड़े पुत्र की मौत के सदमे से नहीं उबर रही सुषमा ऐसे ही कुछ स्थित बेंगुचा गांव निवासी धर्मेंद्र रविदास के घर पर भी देखने को मिली. धर्मेंद्र रविदास दिल्ली में रखकर मेहनत मजदूरी का काम करते हैं. उनकी पत्नी सुषमा देवी अपने दो पुत्र इशांशु और दिव्यांश को लेकर अपने नहर रैतर जा रही थी और वह भी इसी टेंपो में सवार थी. जो की दुर्घटना की शिकार हो गई और इस दुर्घटना में जहां धर्मेंद्र रविदास के बड़े पुत्र इशांशु की मौत हो गई तो छोटे पुत्र दिव्यांश और पत्नी सुषमा की इलाज पावापुरी में किया जा रहा है. दादी पोती की मौत के बाद श्राद्ध करें या घायलों का इलाज सड़क हादसे का कहर चेबाड़ा के महेशपुर गांव में भी देखने को मिला. इसी गांव में दादी अहिल्या देवी और उनकी पोती निशा कुमारी की मौत हुई है. महेशपुर गांव पहुंचने पर परिजनों का विलाप सुनकर हर किसी के आंखों में आंसू आ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि बसंत मांझी की मां अहिल्या देवी और दो पुत्री निशा कुमारी और सुमन कुमारी तथा एक पुत्र दीपक कुमार यह सभी एक ईट भट्टे पर मजदूरी के लिए जा रहे थे. इस दुर्घटना में अहिल्या देवी और निशा की जहां मौत हो गई. तो वहीं सुमन कुमारी के कमर में चोट आई है शायद उसकी कमर टूट गई है और छोटे पुत्र दीपक का सर में चोट आई है. पावापुरी से इन लोगों को इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया है. लेकिन गरीबों के अभाव में पैसे के अभाव में परिवार वालों ने इन्हें घर ले आये. परिजन बताते हैं कि अभी घर में दो मौत हो चुकी है पहले इनका श्राद्ध करें या घयलों को इलाज के लिए ले जाएं समझ नही आता. हालांकि कुछ लोगों के पहल घायलों को इलाज के लिए लखीसराय ले जाया गया है. तीन पुत्र और एक पुत्र छोड़ गये राजेन्द्र साव मंगलवार के सड़क हादसे ने धमसेना गांव के राजकुमार साव की इस दुर्घटना में मौत हो गई. वही वे अपने पीछे तीन पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गये. पुत्री की शादी हो गयी लेकिन तीनों पुत्र अभी कुंवारा है. परिवार में यह खुद अभी कमाने वाले थे और अपने कोर्ट के काम से शेखपुरा जा रहे थे. लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. उनकी मौत हो जाने के बाद उनकी पत्नी कबूतरी देवी का रो-रो कर बुरा हाल है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANTOSH KUMAR SINGH

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