बिहारशरीफ. सरकार द्वारा मत्स्य क्षेत्र को व्यवसाय के रूप में परिणत करने के साथ ही जिले के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने के लिये कई लाभकारी योजनाओं की शुरूआत की गयी है़ राज्य योजना अंतर्गत मछुआरा कल्याण योजना के तहत जिला मत्स्य विभाग द्वारा बुधवार को जिला मत्स्य पदाधिकारी सह कार्यपालक पदाधिकारी शंभू कुमार पटेल के निर्देशन में 40 लाभुकों के बीच पांच लाख अस्सी हजार रूपये के मत्स्य किट का वितरण किया गया़ इस किट में 100 प्रतिशत अनुदान भी उपलब्ध कराया गया है. इस किट में दो प्रकार के जाल, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, आईस बॉक्स के अतिरिक्त अन्य सामग्री शामिल है. जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि इस किट वितरण का उद्देश्य मत्स्य पालकों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को सुदृढ़, लाभकारी एवं आत्मनिर्भर बनाना है. कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को तसला, डिजिटल तराजू एवं मछली जाल जैसी अत्यंत उपयोगी सामग्री प्रदान की गई. इन संसाधनों के माध्यम से मछली की खरीद-बिक्री, तौल तथा मत्स्य उत्पादन की प्रक्रिया अधिक सुचारू, पारदर्शी एवं कुशल हो सकेगी, जिससे लाभुकों की आय में वृद्धि होने की संभावना है. इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभू कुमार पटेल ने लाभुकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार एवं मत्स्य विभाग मत्स्य पालकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है. आधुनिक उपकरणों के उपयोग से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक रूप से बेहतर मूल्य भी प्राप्त होगा. उन्होंने लाभुकों से वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन करने एवं विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की. लाभुकों ने विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से उनका व्यवसाय सशक्त होगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी.
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