राजगीर से गायब आठ छात्राएं पटना से सकुशल बरामद

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राजगीर से गायब आठ छात्राएं पटना से सकुशल बरामद

राजगीऱएक साथ आठ छात्राओं के रहस्यमय तरीके से गायब हो जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। यह घटना नेकपुर और बरैनी गाँव से जुड़ी है।

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राजगीऱ एक साथ आठ छात्राओं के रहस्यमय तरीके से गायब हो जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। यह घटना नेकपुर और बरैनी गाँव से जुड़ी है। गायब होने वाली छात्राओं में सात बरैनी की और एक नेकपुर की है। इनमें सात बेलदार बिगहा प्लस टू स्कूल और एक बरैनी मध्य विद्यालय की छात्रा है। गुरुवार को अचानक इन लड़कियों के गायब होने की खबर आई तो पूरे गांव और परिवारजनों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने पूरी रात अपनी बेटियों की खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। घरों में मातम जैसा माहौल हो गया। शुक्रवार को दूसरे दिन भी उनके घरों में चूल्हा नहीं जला। जिन घरों की बेटियां गायब हुई है वह सभी कमाने खाने वाले हैं। बरैनी के पूर्व मुखिया और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि लड़कियों को कटारी मोड़ पर गुरुवार की सुबह 11 बजे एक साथ देखा गया है। आसपास के स्कूल और कोचिंग संस्थानों के सीसीटीवी फुटेज से यह बात सामने आई है कि वे सभी एक साथ इकट्ठा थी। अनुमान है कि किसी वाहन से वे सभी राजगीर गयी है। राजगीर बस स्टैंड के पास पथ निर्माण विभाग के कार्यालय के आसपास के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में छात्राओं को देखा गया है। वहां छात्राओं द्वारा स्कूल पोशाक को बदला गया है और दुपट्टे से चेहरे को ढ़का गया है। इसके बाद सभी छात्राएं बस पकड़कर पटना की ओर रवाना होती नजर आईं। फुटेज में एक युवक को भी उनके साथ देखा गया है, जिससे पूरे मामले में और रहस्य गहरा गया है। सूत्रों के अनुसार राजगीर पुलिस की सूचना पर राजगीर के पूर्व थानाध्यक्ष दीपक कुमार की टीम ने तत्परता दिखाते हुए पटना के गांधी मैदान से सभी छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया। डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सभी छात्राओं से छबिलापुर थाना में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ये छात्राएं खुद पटना गई थीं, लेकिन इस पर गांव के लोग सहज विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय लोग इसे किसी संगठित साजिश या प्रलोभन का परिणाम मान रहे हैं। छात्राओं के परिजनों ने भी चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनके अनुसार लड़कियां आधार कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो लेकर घर से यह कहकर निकली थीं कि स्कूल में फॉर्म भरे जा रहे हैं। लेकिन विद्यालय की उपस्थिति पंजी और सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट है कि वे उस दिन स्कूल नहीं गई थीं। इससे संदेह और गहराता जा रहा है कि आखिर उन्हें किसने बहलाया या किस योजना के तहत पटना ले जाया गया। फिलहाल पुलिस ने छात्राओं को बरामद कर लिया है। उनका बयान न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा। लेकिन अब भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। क्या उन्हें किसी गिरोह ने बहलाया-फुसलाया? क्या कोई युवक उन्हें पहले से जानता था। उसके प्रभाव में वे पटना चली गईं? या फिर इसके पीछे किसी और बड़ी साजिश का हाथ है? यह घटना न केवल परिवारजनों बल्कि पूरे इलाके के लिए चिंता का विषय बन गई है। अभिभावक अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर डरे और सहमे हुए हैं। लोगों का मानना है कि पुलिस को पूरे मामले की तह तक जाकर असली कारण और संलिप्त लोगों का खुलासा करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। छात्राओं के बरामद किए जाने के बाद भी घटना रहस्य से घिरी हुई है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों के मन में संदेह बना हुआ है। यह मामला समाज में बेटियों की सुरक्षा और बढ़ती असुरक्षा की गंभीर चिंता को उजागर करता है।

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Santosh Kumar Singh

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