बिहारशरीफ में 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न, 51 हजार आहुतियों के साथ नशामुक्ति और वृक्षारोपण का लिया संकल्प

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Bihar Sharif Gayatri Mahayagya

गायत्री महायज्ञ में शामिल श्रद्धालु

Bihar Sharif Gayatri Mahayagya : बिहारशरीफ में 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का समापन भव्य दीप महायज्ञ के साथ हुआ. 51 हजार आहुतियां अर्पित की गईं और नशामुक्ति व वृक्षारोपण का संकल्प लिया गया.

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Bihar Sharif Gayatri Mahayagya : बिहारशरीफ में शौर्य राष्ट्र समृद्धि अभियान के तहत आयोजित 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का समापन भव्य दीप महायज्ञ के साथ हुआ. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ, दीप प्रज्वलन, संस्कार एवं भक्ति कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता निभाई. महायज्ञ के दौरान 51 हजार आहुतियां अर्पित की गईं और नशामुक्ति और वृक्षारोपण का संकल्प लिया गया. इस अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि गौतम आचार्य ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि दीपक स्वयं प्रकाशित होकर दूसरों को भी प्रकाश देता है.

संस्कार ही मनुष्य को बेहतर बनाने का एकमात्र माध्यम

उन्होंने कहा कि प्रकाश का वास्तविक अर्थ ज्ञान है और अज्ञान ही हमेशा मनुष्य के दुखों का मुख्य कारण होता है. संस्कार ही मनुष्य को अनगढ़ से बेहतर बनाने का एकमात्र माध्यम हैं. भारतीय एवं सनातन संस्कृति में ऋषियों ने संस्कारों की परंपरा इसलिए विकसित की थी ताकि एक श्रेष्ठ एवं आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण हो सके.

सकारात्मक सोच का विकास आवश्यक

उन्होंने आगे कहा कि यज्ञ से न केवल वातावरण शुद्ध होता है, बल्कि मनुष्य के विचारों में भी सकारात्मक परिवर्तन आता है. वर्तमान समय में सबसे अधिक प्रदूषण विचारों का है और व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही उसका आचरण भी बन जाता है. इसलिए यज्ञ और संस्कारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच का विकास करना बेहद आवश्यक है.

Bihar Sharif News : महायज्ञ में दी गईं 51 हजार आहुतियां

इस महायज्ञ के दौरान गायत्री मंत्र एवं विभिन्न देवी-देवताओं के नाम पर कुल 51 हजार आहुतियां पवित्र अग्नि में अर्पित की गईं. इसके साथ ही यज्ञ मंडप में 57 दीक्षा संस्कार, 4 पुंसवन संस्कार, 2 नामकरण संस्कार तथा 2 जन्मदिवस संस्कार भी पूरी वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न कराए गए.

नशामुक्ति और वृक्षारोपण का संकल्प

इस दौरान आयोजन समिति के 15 सदस्यों ने जीवन भर शराब, गांजा एवं अन्य सभी प्रकार के नशे से दूर रहने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का सामूहिक संकल्प लिया. संध्या बेला में मनमोहक भक्ति-भजनों के साथ आकर्षक धार्मिक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिसने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया.

महायज्ञ के सफल समापन के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 5,000 श्रद्धालुओं ने सादर प्रसाद ग्रहण किया. इस दौरान शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि गौतम आचार्य ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों का माल्यार्पण कर उनका उत्साहवर्धन किया.

हजारों की संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित

वहीं, आयोजन समिति की ओर से भी शांतिकुंज के प्रतिनिधियों एवं परिव्राजक मिथिलेश कुमार विद्यार्थी को माल्यार्पण कर भावभीनी विदाई दी गई. देव विसर्जन के पावन अवसर पर संयोजक विक्की हिंदू सहित विष्णु, रोहित, राकेश, खुबी, जितेंद्र, राहुल, विकास, रवि, सोनू, दिवाकर, शुभम, सुनीता, सुशीला, सुमित्रा, सारिका, अपर्णा एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.

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