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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अनोखी पहल

Updated at : 05 Dec 2025 9:21 PM (IST)
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अनोखी पहल

जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार के द्वारा जिले के सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अनोखी पहल की गई है.

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बिहारशरीफ. जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार के द्वारा जिले के सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अनोखी पहल की गई है. उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में जिलेभर के छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं डिजिटल लर्निंग को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए हैं.सर्वप्रथम उन्होंने मैट्रिक एवं इंटर परीक्षा 2026 में बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए सभी छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन क्रैश कोर्स आयोजित करने का निर्देश दिया है. इस वर्ष के सेंटअप परीक्षा के आधार पर प्रत्येक उच्च माध्यमिक विद्यालयों से टॉपर- 20 बच्चों के बीच ओएमआर सहित टेस्ट सीरीज का आयोजन कर पूरे जिले से टॉप 50 बच्चों का चुनाव कर उनके लिए अलग से ट्यूटोरियल ऑनलाइन क्लासेस व रेजिडेंशियल कोचिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. जिला पदाधिकारी ने इन बच्चों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने एवं उसमें योग्य शिक्षकों को जोड़ने का भी निर्देश दिया है. इस कार्य में बीपीएससी टीआरई – 1, 2 एवं -3 से चयनित श्रेष्ठ शिक्षकों को लगाया जायेगा. इसे सफलतापूर्वक करने के लिए पूर्णिया स्मार्ट क्लासेस की टीम से संपर्क करने का भी निर्देश दिया गया है. ज्ञात हो कि जिला पदाधिकारी द्वारा पूर्णिया जिले में इसे सफलतापूर्वक प्रारंभ कराया गया था, जो वर्तमान में चल रहा है. इस संबंध में जिला पदाधिकारी द्वारा वर्ष 2017 में प्रारंभ किए गए उन्नयन बांका का भी जिक्र किया है जो बाद में उन्नयन बिहार के रूप में पूरे राज्य में संचालित है. प्रत्येक प्रखंड से श्रेष्ठ पांच विद्यालय होंगे सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित:- जिला पदाधिकारी ने जिले के प्रत्येक प्रखंड से श्रेष्ठ पांच विद्यालयों को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया है. जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आधारभूत संरचना एवं सुसज्जित स्मार्ट क्लास तथा लैब की व्यवस्था हो. उन्होने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में चिन्हित विद्यालयों के विकास के लिए रिसोर्स मैपिंग पर ध्यान देने का निर्देश दिया है. योग्य शिक्षकों की टीम तैयार कर इसे सफल बनाया जाएगा. विशेष तौर पर रोड साइड विद्यालयों को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा. इसमें प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालय दोनों शामिल होगे. आगामी नव वर्ष 2026 से इसे प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है. विद्यालयों के बीच प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन:- जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार इस तरह के विद्यालयों के बीच क्विज, स्पोर्ट्स व सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि प्रतियोगिताएं आयोजित किए जाएंगे. सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में चिन्हित विद्यालयों के वर्ग- कक्ष, प्रांगण, खेल मैदान व शौचालय आदि की वर्तमान फोटो तथा वीडियो लेकर उसमें आवश्यक सुधार कर परिवर्तित स्थिति का फोटो तथा वीडियो से मिलान कर गैप एनालिसिस का निर्देश दिया गया है. ताकि इन विद्यालयों से प्रेरित होकर जिले के अन्य विद्यालयों में भी सुधार हो. ज्ञात हो कि वर्तमान में पूरे जिले के सभी 283 उच्च माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक में नालंदा स्मार्ट लाइव क्लासेस का आयोजन प्रतिदिन किया जा रहा है. जिला पदाधिकारी द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण गाइडलाइंस से जिलेभर में शिक्षा की गुणवत्ता में और भी वृद्धि होने की आशा जगी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANTOSH KUMAR SINGH

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