कुरकुरे, नूडल्स बनाने वाली कंपनी ने किसानों से किया संपर्क,अच्छे उत्पादन के बाद भी हो सकती है गेहूं की किल्लत

Updated at : 11 Mar 2023 7:48 PM (IST)
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कुरकुरे, नूडल्स बनाने वाली कंपनी ने किसानों से किया संपर्क,अच्छे उत्पादन के बाद भी हो सकती है गेहूं की किल्लत

फलस कटने से पहले ही कुरकुरे,नूडल्स बनाने वाली कंपनी लखीसराय के पिपरिया, रामगढ़ चौक, लखीसराय, चानन एवं सूर्यगढ़ा प्रखंड क्षेत्र के किसानों से संपर्क किया है.

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अच्छे उत्पादन होने के आसार के बाद भी गेहूं की किल्लत हो सकती है. बड़ी कंपनी के किसानों से संपर्क करने से यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इधर, सरकार की ओर से इस दिशा में अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. इससे उम्मीद की जा रही है कि किसान इस दफा भी अपनी गेहूं सरकार को बेचने के बदले प्राइवेट कंपनी को ही बेचने का मन बना रहे हैं.

दरअसल, फलस कटने से पहले ही कुरकुरे,नूडल्स बनाने वाली कंपनी लखीसराय के पिपरिया, रामगढ़ चौक, लखीसराय, चानन एवं सूर्यगढ़ा प्रखंड क्षेत्र के किसानों से संपर्क किया है. बताते चलें कि इस क्षेत्र में गेंहू की फसल अच्छी हुई है. पिछले वर्ष यहां गेंहूं की फसल अच्छी नहीं हुई थी. इसके बाद भी कुरकुरे, नूडल्स बनाने वाली कंपनी इनसे संपर्क किया था और उनके खेत से ही सारे फसल अच्छे दाम में खरीद लिए थे. इन कंपनियों द्वारा सरकार के निर्धारित दर से अधिक राशि देकर किसान के घर से ही गेहूं की खरीद कर लेते हैं.

कंपनी के लोग गेहूं खरीद के लिए जगह-जगह भाड़ा पर गोदाम भी ले रखा है.अधिक रकबा वाले किसानों से गेहूं की खरीदारी की पहल शुरू कर दिया है. कंपनी के लोग एवं अनाज व्यापारी द्वारा सरकारी दर से अधिक राशि से देकर किसानों से गेहूं की खरीदारी पिछले साल भी कर लिया गया था. पिछले साल गेहूं का उत्पादन कम हुआ था.सरकारी दर भी कम रखा गया था. जिसके कारण गेहूं की खरीदी नहीं हो पायी थी.

सहकारिता विभाग द्वारा गेहूं खरीदारी का पिछले साल निर्धारित मूल्य 2050 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था.एक तरफ कम उत्पादन तो दूसरी तरफ कम दाम के कारण पैक्स अध्यक्ष गेहूं की अधिप्राप्ति नहीं कर पाया था. जबकि गेहूं की खरीदारी अनाज व्यापारी एवं गेहूं से खाने-पीने की बनने वाली चीज के कंपनी के लोगों द्वारा 22 सौ से लेकर 23 सौ रुपये तक किसान के घर पहुंचकर गेहूं की खरीदारी किया था. जिसका खामियाजा सीधे उन गरीब परिवार को भुगतना पड़ा जो जन वितरण के उपभोक्ता थे.

जन वितरण उपभोक्ता को प्रति यूनिट एक किलो दिया जा रहा था. जिसके कारण गरीबों को रोटियां मिलना मुश्किल हो गया था. इस बार गेहूं के उत्पादन अधिक होने की संभावना दिखाई दे रही है, लेकिन गेहूं के अच्छे उत्पादन पर गेहूं से बनने वाली विभिन्न प्रकार के चीजों की कंपनी एवं अनाज व्यापारी एवं बिचौलियों की गिद्ध नजर टिकी हुई है. इस संबंध में पैक्स संघ के अध्यक्ष दीगम कुमार ने कहा कि इस बार गेहूं का उत्पादन अच्छे होने की संभावना बनी है. इससे रेट में कमी आ सकती है. तब पैक्स द्वारा गेंहू की खरीद आसानी से कर सकते हैं.

बोले अधिकारी

जिला सहकारिता पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि गेहूं की खरीद को लेकर अभी तक ऊपर से कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद के लक्ष्य को अधिक रहते हुए अधिकारियों के समक्ष अच्छे रेट की बात रखेंगे.

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