Bihar Weather Forecast : पछिया की चपेट में दक्षिण-मध्य बिहार, लू का हो रहा एहसास

Prayagraj: A father covers his child's head with a towel as protection from the scorching heat on a hot day, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Wednesday, May 27, 2020. (PTI Photo)(PTI27-05-2020_000075A)
राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र से बिहार में आ रही पछिया हवाओं ने बुधवार को समूचे प्रदेश को अपनी गिरफ्त में ले लिया़ 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बही पछिया हवा में लोगों ने अच्छी-खासी तपिश महसूस की़ वैसे मौसम विज्ञान की तकनीकी वजहों से इन इलाकों में हीट वेव घोषित नहीं किया गया़
पटना. राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र से बिहार में आ रही पछिया हवाओं ने बुधवार को समूचे प्रदेश को अपनी गिरफ्त में ले लिया़ 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बही पछिया हवा में लोगों ने अच्छी-खासी तपिश महसूस की़ वैसे मौसम विज्ञान की तकनीकी वजहों से इन इलाकों में हीट वेव घोषित नहीं किया गया़
खास तौर पर दक्षिण और मध्य बिहार हीट वेव की चौखट पर पहुंच गया है़ हालांकि, ऐसा 10 साल में पहली बार हुआ है कि समूचे प्रदेश (अपवाद एक दो जगह को छोड़कर) में अधिकतम औसत तापमान 38 से 40 डिग्री तक पहुंचा है़ अगले 24 घंटे में दक्षिणी बिहार में एक से दो डिग्री पारा और बढ़ने के आसार बने हुए हैं.
आइएमडी पटना की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पटना में सामान्य से 4. 3 डिग्री अधिक 41.6 ,गया में सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक 42 डिग्री और भागलपुर भी सामान्य से करीब तीन डिग्री अधिक 39. 8 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा है़
उल्लेखनीय है कि हीट वेव के लिए सामान्य से साढ़े डिग्री सेल्सियस अधिक लगातार दो दिन होना चाहिए़ 14 अप्रैल को पटना का तापमान पिछले साल 38.7 डिग्री और गया का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस था़ इतना तापमान 14 अप्रैल से पहले भी नहीं रिकार्ड किया गया़ मौसमी दशाओं का आकलन करें तो गया में 40 डिग्री तापमान 19 अप्रैल से पहले कभी नहीं पहुंचा था़ इस बार अप्रैल में वह दो से तीन बार पहुंच चुका है़
इस तरह बुधवार का अधिकतम तापमान का औसत तापमान से कहीं अधिक है़ भागलपुर में अप्रैल मध्य तक पिछले करीब एक दशक में उच्चतम तापमान चालीस डिग्री से ऊपर नहीं पहुंचा था़ फिलहाल दक्षिण मध्य बिहार के सभी जिलों का औसत उच्चतम तापमान 40 डिग्री से ऊपर और उत्तरी-पूर्वी बिहार में औसतन उच्चतम तापमान 38-39 डिग्री तक अप्रैल में 40 डिग्री पार जाने की वजह इस साल प्री मॉनसूनी बारिश का पूर्णिया के अलावा पूरे प्रदेश में अभाव है़
पश्चिमी विक्षोभ इस साल पूरे बिहार में उतना प्रभावशील नहीं दिखा, जितना सामान्य तौर पर रहता है़ फिलहाल दक्षिणी और मध्य बिहार के वातावरण में नमी न्यूनतम स्तर पर पहुंच गयी है़ कमोबेश यही स्थिति पिछले 48 घंटे से उत्तरी बिहार में महसूस की गयी़ लिहाजा उच्चतम तापमान में इजाफा हुआ है़
पुरवैया का असर 15 अप्रैल से फिर दिखेगा, अगले दो दिन मेघ गर्जन के आसार आइएमडी पटना की जानकारी के मुताबिक उत्तर और पूर्वी बिहार में बंगाल की की खाड़ी से आने वाली हवाओं ने दस्तक दे दी है़ बुधवार की दोपहर बाद सतह पर यह हवा स्थापित हो गयी है़
इस तरह दक्षिणी बिहार के इलाके से आ रही पछिया हवा से इनका टकराव होने पर मेघ गर्जन से बारिश के आसार खासतौर पर पूर्वी बिहार में होंगे़ हालांकि एक पूरे बिहार के आसमान में आंशिक तौर पर बादल भी छाये रह सकते हैं.
Posted by Ashish Jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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