बिहार के बालू की अब दूसरे राज्यों में भी होगी सप्लाई, सरकार ने K-लाइसेंस वालों को दी मंजूरी, जानिए क्या बदलेगा

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सांकेतिक तस्वीर

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Bihar Sand Sale: बिहार सरकार ने बालू बिक्री को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है. अब K-लाइसेंसधारियों के जरिए बिहार का बालू दूसरे राज्यों में भी भेजा जा सकेगा. मॉनसून में खनन बंदी के बीच सरकार ने यह कदम राजस्व बढ़ाने और बालू की उपलब्धता बनाए रखने के लिए उठाया है.

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Bihar Sand Sale: (पटना से कृष्ण कुमार की रिपोर्ट) बिहार सरकार ने बालू बिक्री को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है. अब K-लाइसेंसधारियों के माध्यम से बिहार का बालू दूसरे राज्यों में भी भेजा जा सकेगा. इसके लिए दूसरे राज्यों में बालू ले जाने वाले वाहनों को ई-चालान जारी किया जाएगा. सरकार के इस फैसले का मकसद राजस्व बढ़ाना और बालू कारोबार को व्यवस्थित करना है.

मॉनसून में खनन बंदी के बीच लिया गया फैसला

मॉनसून अवधि में बालू खनन पर रोक लगने के बाद सरकार ने अगले चार महीनों के लिए यह व्यवस्था की है. दरअसल, बिहार में निर्माण कार्य लगातार जारी रहते हैं. ऐसे में बालू की उपलब्धता बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होती है.

इसी को देखते हुए पहले राज्य में निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त बालू की व्यवस्था की गई है. इसके बाद दूसरे राज्यों में बिक्री की अनुमति दी गई है.

अस्थायी होगी व्यवस्था, समीक्षा करेगा विभाग

खान एवं भूतत्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि दूसरे राज्यों में बालू भेजने की यह अनुमति फिलहाल अस्थायी है.

विभाग समय-समय पर इसकी समीक्षा करेगा. अगर मॉनसून के दौरान बिहार में बालू की कमी होती है या आम लोगों को परेशानी होती है तो इस व्यवस्था को कभी भी बंद किया जा सकता है.

वहीं, 15 अक्टूबर के बाद जब बालू खनन दोबारा शुरू होगा, तब इस व्यवस्था को लेकर आगे फैसला लिया जाएगा.

जिलों में रखा गया 30 से 35 लाख CFT बालू का स्टॉक

सरकार ने मॉनसून के दौरान बालू की कमी से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रखी है. राज्य के जिलों में करीब 30 से 35 लाख क्यूबिक फीट (CFT) बालू का बफर स्टॉक सुरक्षित रखा गया है. इसी स्टॉक से निर्माण कार्यों के लिए बालू की आपूर्ति की जाएगी. इसका उद्देश्य बाजार में बालू की कृत्रिम कमी और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को रोकना है.

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अवैध खनन और ढुलाई पर भी कसेगा शिकंजा

मॉनसून अवधि में अवैध बालू खनन और अवैध ढुलाई रोकने के लिए भी सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है.

खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलाधिकारियों, एसएसपी और एसपी को निगरानी तेज करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा सभी थानों को अपने क्षेत्र में नियमित गश्त और कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है.

पड़ोसी राज्यों में बिहार के बालू की मांग

बिहार के बालू की पड़ोसी राज्यों में अच्छी मांग रहती है. सरकार को उम्मीद है कि दूसरे राज्यों में बालू बिक्री की अनुमति मिलने से राजस्व में बढ़ोतरी होगी. हालांकि, सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पहले राज्य के लोगों और निर्माण कार्यों के लिए बालू की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे.

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अभिनंदन पांडेय

लेखक के बारे में

By अभिनंदन पांडेय

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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