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Bihar Panchayat Election: बिहार पंचायत चुनाव से पहले ऐसे पंचायतों का खत्म हो जाएगा अस्तित्व, सैकड़ों मुखिया-सरपंच नहीं ठोक पाएंगे चुनावी ताल

Updated at : 03 Feb 2021 5:45 PM (IST)
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Bihar Panchayat Election: बिहार पंचायत चुनाव से पहले ऐसे पंचायतों का खत्म हो जाएगा अस्तित्व, सैकड़ों मुखिया-सरपंच नहीं ठोक पाएंगे चुनावी ताल

Bihar Panchayat Election: बिहार में पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Chunav) को लेकर तैयारियां जारी हैं. लोगों को इंतजार है कि ग्राम पंचायत चुनाव का ऐलान कब होगा. मगर उससे पहले एक बड़ी खबर है. और ये कि पंचायतों का पुनर्गठन होगा. इसमें जिन पंचायतों की आबादी तीन हजार से कम है उनका अस्तित्व खत्म हो जाएगा.

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Bihar Panchayat Election: बिहार में पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Chunav) को लेकर तैयारियां जारी हैं. लोगों को इंतजार है कि ग्राम पंचायत चुनाव का ऐलान कब होगा. मगर उससे पहले एक बड़ी खबर है. और ये कि पंचायतों का पुनर्गठन होगा. इसमें जिन पंचायतों की आबादी तीन हजार से कम है उनका अस्तित्व खत्म हो जाएगा. ऐसी पंचायतों का पुनर्गठन कर आसपास की पंचायतों में शामिल कर उनका नामकरण कर दिया जायेगा.

इस फैसले पर मंगलवार को ही नीतीश कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है. कैबिनेट द्वारा ग्राम पंचायत के कुछ क्षेत्रों को नगर निकायों में शामिल किये जाने के बाद जिन ग्राम पंचायतों की जनसंख्या तीन हजार या उससे अधिक होगी तो वह पंचायतें यथावत बनी रहेंगी. जिन पंचायतों की जनसंख्या तीन हजार से कम हो जायेगी उनका पुनर्गठन कर आसपास की पंचायतों में शामिल कर उनका नामाकरण कर दिया जायेगा. नये पंचायतों के गठन के लिए 1991 की जनगणना को आधार माना जायेगा.

बिहार में नए नगर निकायों के गठन के कारण त्रिस्तरीय पंचायतों का भूगोल बदल जाएगा. इस कारण तीन सौ से अधिक मुखिया और संरपंच इस बार पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. राज्य में नगर निकायों के पुनर्गठन की कार्रवाई के बाद पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बीते शनिवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक की.

पंचायत चुनावों के देखते हुए पंचायतों के पुनर्गठन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से करने का निर्देश दिया.यह तय किया गया है कि तीन हजार से अधिक जनसंख्या होने पर ही काेई पंचायत बचेगी, कम होने पर बगल की पंचायत में विलय होगी. मुख्य सचिव के निर्देश के तहत बीडीओ इसे कार्यान्वित करेंगे और जिला पंचायत राज पदाधिकारी इसकी जिला स्तरीय समीक्षा करेंगे.

इसके बाद डीएम पंचायत को बरकरार रखने या विलय करने का प्रस्ताव तैयार कर पंचायती राज विभाग को भेजेंगे जिस पर अंतिम निर्णय सरकार लेगी.इसके बाद पंचायत चुनाव के लिए वार्ड की संख्या तय करते हुए मतदाता सूची बनेगी. पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा के मुताबिक, पुनर्गठन के बाद 300 पंचायत समाप्त होंगे और 200 पंचायतों के पुनर्गठन की संभावना है.

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Posted By: Utpal kant

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