बिहार में 30 स्टोन ब्लॉक चिन्हित, जल्द शुरू होगा खनन

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उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा- बिहार खनिज संपदा के मामले में आत्मनिर्भर

Bihar News: बिहार में सरकार ने पत्थर खनन के लिए 30 ब्लॉकों की पहचान कर ली है, जिससे जल्द ही स्टोन माइनिंग शुरू होगी. इससे न सिर्फ रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि राज्य की आय में भी बढ़ोतरी होगी.

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Bihar News: बिहार सरकार ने खनन क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाते हुए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पत्थर खनन के लिए 30 नए ब्लॉकों की पहचान कर ली है. सरकार के इस फैसले से न केवल बिहार में निर्माण कार्यों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता खत्म होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के कई अवसर उपलब्ध होगे.

उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस मास्टर प्लान का खुलासा करते हुए साफ कर दिया है कि बिहार अब खनिज संपदा के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है.

पत्थर खनन से आत्मनिर्भर बनेगा बिहार

सरकार का मानना है कि इस पहल से बिहार की दूसरे राज्यों से पत्थरों के आयात पर निर्भरता कम होगी. अभी तक निर्माण कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर बाहर से पत्थर मंगवाने पड़ते थे, जिससे लागत भी बढ़ती थी. अब स्थानीय स्तर पर खनन शुरू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी.

अब तक बिहार को बुनियादी ढांचे और सड़क निर्माण के लिए पड़ोसी राज्यों से महंगे दामों पर पत्थर मंगाना पड़ता था. नए स्टोन माइनिंग लीज के धरातल पर उतरते ही यह तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी.

सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के भीतर ही पत्थरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है ताकि निर्माण लागत में कमी आए. इसके साथ ही, इन 30 ब्लॉकों से होने वाली माइनिंग से बिहार सरकार के खजाने में करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व आएगा, जिसका सीधा इस्तेमाल विकास योजनाओं में किया जा सकेगा.

बालू माफियाओं पर नकेल

उपमुख्यमंत्री ने उन कंपनियों को चेतावनी दी है जिन्होंने अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्ती के कारण अपने 78 बालू घाटों को सरेंडर कर दिया था.

अब ऐसी दागी कंपनियों को नए टेंडर में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

रोहतास और गया में छिपे हैं बेशकीमती खनिज भंडार

रोहतास जिले के नवाडीह, टीपा और शाहपुर अकबरपुर में ग्लूकोनाइट के तीन ब्लॉक और गया के सपनेरी में वेनेडियम मेग्नेटाइट ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.

इन बड़े खनिज ब्लॉकों के लिए 20 मई तक बोली लगाई जा सकती है. साथ ही, बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन को आगामी वर्षों के लिए भारी मात्रा में कोयले का आवंटन भी मिल चुका है. यह योजनाएं बिहार को औद्योगिक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेंगी.

इसके अलावा बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन को 2026-27 के लिए 3.85 लाख टन कोयले का आवंटन भी किया गया है.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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