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Bihar News: मंदिर से म्यूजियम, गांधी मैदान से मिशन साइंस तक, छुट्टियों में पटना आएं तो यहां जरूर जाएं

Updated at : 23 Dec 2025 10:13 AM (IST)
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Bihar News: मंदिर से म्यूजियम, गांधी मैदान से मिशन साइंस तक, छुट्टियों में पटना आएं तो यहां जरूर जाएं

If you come to Patna during holidays, you must visit here.

Bihar News: नए साल की छुट्टियों में अगर आप पटना आए हैं, तो आपकी यात्रा सिर्फ घूमने की नहीं, नजरिया बदलने की है. यह वह बिहार है, जहां इतिहास जिंदा है, विज्ञान रोमांच है और विरासत भविष्य से हाथ मिलाती है. यहां सवाल यह नहीं उठता कि क्या देखें, बल्कि यह कि इतना सब एक ट्रिप में कैसे समेटें?

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Bihar News: अगर आपकी आंखों में अब भी बिहार की वही पुरानी तस्वीर अटकी है, तो जरा रुकिए. बिहार बदल चुका है और यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों में नहीं है. जमीन पर भी दिखता है. यदि आप घूमने के शौकीन हैं तो अब जरा पटना आइए. यहां घूमने और देखने लायक ऐसी-ऐसी जगह है कि आपके लिए यह हफ्ता तो यूं ही निकल जाएगा. मंदिर, म्यूजियम, साइंस सिटी, स्टेडियम और आधुनिक संस्थानों के साथ बिहार आज विरासत और विकास का ऐसा मैप बन गया है, जिसे देखने के बाद नजरिया बदल जाना तय है.

पटना – एक दिन का शानदार ट्रिप बन सकता है

साइंस, संस्कृति और सरप्राइज राजधानी पटना अब सिर्फ प्रशासनिक शहर नहीं, बल्कि एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, एक्सपीरियंस का हब बन रहा है. यहां डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी (मोइन-उल-हक स्टेडियम के पास) यहां विज्ञान किताबों से निकलकर सामने खड़ा हो जाता है. AI, मशीन लर्निंग, अंतरिक्ष विज्ञान, 4D थिएटर, 269 इंटरैक्टिव प्रदर्श बच्चों से लेकर युवाओं तक, सबके लिए परफेक्ट जगह.

परिवार के साथ आधा दिन यहीं निकल जाएगा!

नया पटना म्यूजियम – दो साल बाद नए अवतार में खुल रहा पटना म्यूजियम. डिजिटल गैलरी, AI आधारित प्रदर्श, गंगा गैलरी, पाटली गैलरी और स्कल्पचर गार्डन के साथ. यह सिर्फ इतिहास देखने की जगह नहीं, बल्कि बिहार को समझने का अनुभव है. अगर आप बिहार को जानना चाहते हैं, तो म्यूजियम से बेहतर शुरुआत और कोई नहीं होगी.

इसके अलावा आप राजधानी पटना का सिंबल गोलघर देखने जा सकते हैं. आमतौर परिवार के साथ छुट्टी मनाने वाले लोग 31 दिसंबर या नए साल की छुट्टियों में गोलघर, चिड़ियाघर, गंगा घाट, तारामंडल देखने जाते हैं. लेकिन इन सब के बीच गुरु गोविंद सिंह गुरुद्वारा, पटना साहिब, छोटी और बड़ी पटन देवी, गुलजारबाग का अगम कुआं जाना भूल जाते हैं.

अगर आप पटना में हैं और इन स्थानों का दर्शन नहीं किया तो आपका पटना आना बेकार है. खासकर वह लोग जो पटना घूमने आए हैं. आपको बता दें गुरु गोविंद सिंह गुरुद्वारा सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह का जन्म स्थान है. यहां 22 से 27 दिसंबर तक कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन होता है, क्योंकि 22 से 27 दिसंबर तक गुरु गोविंद सिंह का पूरा परिवार बलिदान हो गया था.

ढाई हजार साल से ज्यादा पुराना है मां शीतला मंदिर

अगम कुआं – अगर आप पटना में हैं और नए साल का स्वागत देव दर्शन से करना चाहते हैं. तो आपको शीतला माता के मंदिर अगमकुआं जरूर जाना चाहिए. यहां जो कुआं है वह ढाई हजार साल से भी ज्यादा पुराना है. कहा जाता है इसे सम्राट अशोक ने बनवाया था. इसकी गहराई के बारे में अब तक जानकारी नहीं है लेकिन यह कहा जाता है कि इसमें फेंकी गई छड़ी गंगा नदी में तैरती देखी गई. इतना ही नहीं यह भी कहा जाता है कि सम्राट अशोक ने अपने 100 भाइयों को मार कर इसी कुएं में डाल दिया था. इसके बाद उसका नाम चंड अशोक पड़ा.

पटन देवी- आप लोगों ने अक्सर हनुमान मंदिर का जिक्र सुना होगा और वहां गए भी होंगे. लेकिन राजधानी पटना में दो शक्तिपीठ भी हैं. जिन्हें बड़ी पटन देवी और छोटी पटन देवी के नाम से जाना जाता है. 52 शक्तिपीठों में यह भी एक है. जहां सती माता के पट गिरे थे जिसकी चर्चा बहुत कम होती है. इन्हीं पटन देवी के नाम पर पटना नाम भी पड़ा है.

पटना का बदला हुआ नक्शा

बिहार का नक्शा थोड़ा बदल गया है. पटना अब वैशाली तक पहुंच चुका है. पटना से करीब 55 किलोमीटर दूर वैशाली वैश्विक बौद्ध पर्यटन का केंद्र है. बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप सिर्फ आस्था का स्थल नहीं, बल्कि स्थापत्य और इतिहास का जीवंत दस्तावेज है. 72 एकड़ में फैला यह परिसर, बलुआ पत्थरों से बनी भव्य संरचना और अब तक 3.5 लाख से ज़्यादा देश-विदेशी पर्यटक यह बताने के लिए काफी है कि वैशाली अब अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर भी है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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