Bihar: नक्सली कैसे करते हैं युवाओं का माइंड वॉश? सरेंडर किए हार्डकोर सूरज ने किए हैरान करने वाले खुलासे..

Published at :24 Jan 2023 11:38 AM (IST)
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Bihar: नक्सली कैसे करते हैं युवाओं का माइंड वॉश? सरेंडर किए हार्डकोर सूरज ने किए हैरान करने वाले खुलासे..

मुंगेर में हार्डकोर नक्सली सूरज मुर्मू ने सोमवार को सरेंडर कर दिया. इस दौरान उसने कई हैरान करने वाले खुलासे किये. सूरज ने बताया कि नक्सली किस तरह गरीब युवाओं को टारगेट करते हैं और उनका माइंड वॉश करके उसे हथियार थमाते हैं.

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Bihar News: पूर्वी बिहार व पूर्वोत्तर झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी के हार्डकोर नक्सली हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के रारोडीह गांव निवासी सूरज मुर्मू ने सोमवार को एसएलआर व 28 कारतूस के साथ मुंगेर जिला प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. इसके बाद सूरज ने कहा कि मेरे जैसे भटके युवाओं को माइंड वॉश कर नक्सली अपने संगठन से जोड़ते हैं और अपने लोगों के खिलाफ ही हथियार थमाकर विरोध कराते हैं. इस परिस्थिति में हर लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.

घर वापसी करने की अपील

सूरज मुर्मू ने युवाओं से आह्वान किया कि माओवादी संगठन को न तो मदद करें और न ही संगठन से जुड़े. अगर किसी कारणवश नक्सलियों के बहकावे में आकर माओवादी संगठन से जुड़ गये हैं, तो अपना घर वापसी कर लें. क्योंकि वहां किसी का भला होने वाला नहीं है.

लकड़ी काटने के दौरान हुआ नक्सलियों से भेंट, चल दिया था साथ

नक्सली सूरज ने बताया कि वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा है. वर्ष 2018 में नक्सलियों के बहकावे में आकर संगठन से जुड़ गया था. लकड़ी काटने व गाय को घास चराने के लिए वह पहाड़ पर जाता था. इसी दौरान जंगल में नक्सलियों से उसकी मुलाकात हुई. लगातार कई दिनों तक नक्सलियों से उसकी मुलाकात जंगलों में होती रही. इसी दौरान नक्सलियों ने उसे बेहतर जिंदगी देने और भरपेट भोजन देने तथा परिवार के मदद का भरोसा दिलाता रहा. उस समय मेरी शादी हो गयी थी और माता-पिता की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी. बिना परिवार को बोले वह एक दिन नक्सलियों के साथ चल दिया.

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भोजन मिलता रहा और संगठन के लिए हथियार चलाता रहा..

बताया कि इसके बाद वह अपने लोगों के खिलाफ ही अपने हाथ में नक्सलियों का दिया हथियार थाम कर बागवत करने लगा. भोजन मिलता रहा और संगठन के लिए हथियार चलाता रहा. लेकिन आर्थिक मदद माओवादी संगठन ने नहीं किया और उसके घर की स्थिति लगातार बद से बदतर होती चली गयी. जिसके कारण उसने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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