‍Bihar: थाने के सामने ही खुले में बिक रही मांस-मछली, जिम्मेदार कह रहे- कल करेंगे कार्रवाई

Updated at : 18 Jan 2023 12:14 AM (IST)
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‍Bihar: थाने के सामने ही खुले में बिक रही मांस-मछली, जिम्मेदार कह रहे- कल करेंगे कार्रवाई

मुजफ्फरपुर में खुलेआम मांस-मछली की बिक्री हो रही है. शहर का प्रमुख कंपनीबाग रोड हो या चक्कर चौक-बटलर रोड. हर जगह बिना ढके मांस-मछली की खुलेआम बिक्री हो रही है. अखाड़ाघाट रोड के अलावा ब्रिज से पहले सिकंदरपुर ओपी के बगल व सामने दर्जन से अधिक दुकानें है. जहां, सुबह से रात तक मांस की बिक्री होती रहती है

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मुजफ्फरपुर में खुलेआम मांस-मछली की बिक्री हो रही है. शहर का प्रमुख कंपनीबाग रोड हो या चक्कर चौक-बटलर रोड. हर जगह बिना ढके मांस-मछली की खुलेआम बिक्री हो रही है. अखाड़ाघाट रोड के अलावा ब्रिज से पहले सिकंदरपुर ओपी के बगल व सामने एक दर्जन से अधिक दुकानें है. जहां, सुबह से रात तक मांस की बिक्री होती रहती है. पुलिस भी मूकदर्शक बनी रहती है. रास्ते आने-जाने वाले लोगों को भी इससे काफी परेशानी होती है. बदबू निकलने के साथ सामने में ही जानवरों को काटा जाता है. ब्रह्मपुरा, मेहंदी हसन चौक, लक्ष्मी चौक, बैरिया रोड, माड़ीपुर के अलावा बनारस बैंक चौक, मिठनपुरा, छाता चौक, कलमबाग चौक, अघोरिया बाजार सहित शहर के अधिकतर गली-मोहल्लों तक में अवैध दुकानें खुल चुकी है.

कार्रवाई का अधिकार होने पर भी नहीं की जा रही सख्ती

भगवानपुर सदर थाना के सामने भी सड़क किनारे बिना ढके ही मांस बेची जाती है. यह स्थिति तब है जब नगर निगम के पास इन दुकानदारों के ऊपर नगरपालिका एक्ट में सख्ती से कार्रवाई करने का अधिकार है. बिहार राज्य प्रदूषण कंट्रोल पर्षद भी लगातार खुले में मांस-मछली बेचने वाले दुकानों पर कार्रवाई करने को कह रही है. बावजूद, जिस तरीके का एक्शन होना चाहिए. वह नहीं दिख रहा है. हालांकि, नगर आयुक्त नवीन कुमार की तरफ से इसको लेकर कार्रवाई के आदेश दिये गये हैं. बुधवार को शहर में प्रचार-प्रसार कराने का आदेश दिया गया है. इससे पहले मंगलवार को नगर निगम की तरफ से गठित धावा दल के पदाधिकारी व कर्मचारियों ने शहर के अलग-अलग हिस्से में जाकर खुले में मांस-मछली की बिक्री कर रहे दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी है.

क्या कहता है नियम

प्रिवेंशन ऑफ क्रूएल्टी टू एनिमल एक्ट 1960 के तहत अवैध तरीके से मांस की दुकान लगाना और पशुओं की हिंसा करना प्रतिबंधित है. यहां तक कि इनका गलत तरीके से ढोना (लाना-ले जाना) भी अपराध की श्रेणी में आता है. इस क्रूरता को रोकने के लिए चिकित्सा विभाग, नगर निगम, पुलिस-प्रशासन और सभी को शक्तियां दी गयी है, लेकिन कोई इसका प्रयोग नहीं कर रहा है. बिना लाइसेंस के चल रही दुकानों को नगर निगम कभी भी बंद करा सकता है.

काले कपड़े से ढक मांस बेचने का है प्रावधान

नियम यह कहता है कि लाइसेंस के बिना शहरी क्षेत्र में कोई भी दुकान नहीं खोली जा सकती है. दुकानों पर मांस को काले कपड़े में ढक कर रखना है. काटे गये जानवरों के अवशेषों व उसके खून को नाला में नहीं फेंकना है. संक्रमण का खतरा नहीं हो. इसके लिए काटे जाने में जिस औजार का प्रयोग किया जाता है, उसका समय-समय पर विसंक्रमित (स्टेरलाइज्ड) होते रहना चाहिए.

क्या कहते हैं अधिकारी

विभाग का सख्त आदेश है कि खुले में मीट-मछली की बिक्री नहीं होनी चाहिए. मछली का अलग मार्केट भी बनेगा. इसको लेकर आदेश दिया गया है. आने वाले समय में सख्ती के साथ कार्रवाई होगी. अतिक्रमण के खिलाफ पांच टीमें बना कार्रवाई की जायेगी.

नवीन कुमार, नगर आयुक्त

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