ePaper

Bihar News: क्या जमीन सर्वे में वंशावली और शपथ पत्र की जरूरत है? बंदोबस्त पदाधिकारी ने कन्फ्यूजन किया दूर…

Updated at : 06 Sep 2024 3:58 PM (IST)
विज्ञापन
bihar land survey

bihar land survey

Bihar Land Survey: बिहार में आजकल जमीन सर्वे का काम चल रहा है. राज्य के 45 हजार गांवों में विशेष भूमि सर्वेक्षण किया जा रहा है. सबके मन में एक हीं कन्फ़्युजन है कि वंशावली और शपथ पत्र की जरूरत है या नहीं? बंदोबस्त पदाधिकारी ने कन्फ़्युजन दूर कर दिया है.

विज्ञापन

Bihar Land Survey: बिहार में आजकल जमीन सर्वे का काम चल रहा है. राज्य के 45 हजार गांवों में विशेष भूमि सर्वेक्षण किया जा रहा है. इस सर्वे में खतियान, लगान रसीद, जमीन रजिस्ट्री दस्तावेज के साथ वंशावली देना आनिवार्य है. वंशावली को लेकर लोगों के बीच भारी कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है. सब किसी के दिमाग में यही चल रहा है क्या यह देना है? देना भी है तो कैसे देना है.

बता दें कि भूमि बंदोबस्त पदाधिकारी ने इस कन्फ्यूजन को दूर कर दिया है. उन्होंने कहा है कि सर्वे कार्य को लेकर रैयतों को वंशावली के लिए किसी कर्मचारी के हस्ताक्षर या शपथ पत्र की जरूरत नहीं है. प्रमाण पत्र या शपथ पत्र की जगह रैयतों को फॉर्म तीन (क) में अपने वंशावली का खुद जिक्र करना है. इसका सत्यापन बंदोबस्त कार्य के कर्मचारी हीं करेंगे. वंशावली के लिए किसी प्रमाण पत्र या शपथ पत्र की जरूरत नहीं है. किसी से हस्ताक्षर कराने की भी जरूरत नहीं है.

Also Read: बिहार की इन तीन जगहों पर बनेंगे हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के स्टेशन, राज्य सरकार ने जताई सहमति…

जमीन सर्वे में वंशावली का जिक्र किस फॉर्म में करें?

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा इस विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर कई दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. दिशा निर्देश में बताया गया है कि पहले के खतियान में दर्ज नाम के आगे वंशावली का जिक्र फॉर्म तीन (क) में किया जाना है. रैयत इस फॉर्म को भरकर जमा कर देंगे. इसके सत्यापन का काम बंदोबस्त के कार्य में लगे कर्मचारी खुद करेंगे.

वंशावली सत्यता के लिए शपथ पत्र की जरूरत है या नहीं?

इसके अलावा वंशावली के सत्यता के लिए किसी भी प्रकार की शपथ पत्र की जरूरत नहीं है. वहीं, विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सर्वेक्षण के लिए खतियान की मूल प्रतिलिपि भी लगाने की आवश्यकता नहीं है. रैयत सिर्फ अपने स्वामित्व वाली जमीन का जिक्र करें.

हरतालिका तीज व्रत का सबसे शुभ मुहूर्त, जानें पूजन का सही समय, नियम

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन