1 अप्रैल से जमीन रजिस्ट्री का नया नियम, अब बिना सैटेलाइट फोटो नहीं होगी जमीन खरीद-बिक्री

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Bihar Land Registry

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Bihar Land Registry: बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया एक बड़े डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ रही है. 1 अप्रैल से निबंधन की पूरी प्रक्रिया बदलने वाली है. अब रजिस्ट्री ऑफिस जाने से पहले आपको अपनी प्रॉपर्टी की ‘आसमान से ली गई तस्वीर’ दिखानी होगी.

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Bihar Land Registry: बिहार सरकार ने जमीन, मकान और फ्लैट की खरीद-बिक्री को लेकर एक अहम फैसला लिया है. 1 अप्रैल से राज्य में जमीन रजिस्ट्री की नई व्यवस्था लागू होने जा रही है, जिसके तहत निबंधन विभाग के पोर्टल पर जमीन की सेटेलाइट तस्वीर अपलोड करना अनिवार्य होगा.

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तस्वीर अपलोड होने के बाद ही रजिस्ट्री के लिए समय मिलेगा. इस नई व्यवस्था का सफल ट्रायल दरभंगा में किया जा चुका है और अब इसे पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी है.

सेटेलाइट फोटो से तय होगा रजिस्ट्री का रास्ता

नई व्यवस्था के तहत जमीन, मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए संबंधित संपत्ति की सेटेलाइट तस्वीर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी. इसके साथ खाता नंबर, प्लॉट नंबर और अन्य जरूरी विवरण भी दर्ज करने होंगे.

तस्वीर के जरिए जमीन लोकेशन तय होगा, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि रजिस्ट्री उसी भूखंड की हो रही है, जिसकी जानकारी दी गई है.

दरभंगा ट्रायल में सफल रहा प्रयोग

निबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार दरभंगा में ग्रामीण क्षेत्रों में इस नई प्रणाली का ट्रायल किया गया था. वहां सेटेलाइट तस्वीरों को ऑनलाइन अपलोड कर पूरी प्रक्रिया को परखा गया, जो तकनीकी रूप से सफल रही. इसके बाद सभी औपचारिकताएं पूरी कर राज्यभर में इसे लागू करने का निर्णय लिया गया.

जमीन खरीद-बिक्री में पारदर्शिता की नई उम्मीद

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जमीन, मकान या फ्लैट की खरीद में होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी. कई मामलों में एक ही जमीन को दो-दो बार बेचने या गलत लोकेशन दिखाकर रजिस्ट्री कराने की शिकायतें सामने आती रही हैं. सेटेलाइट तस्वीर के जरिए ऐसी गड़बड़ियों को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सकेगा.

निबंधन विभाग का दावा है कि विक्रेता की जानकारी और संपत्ति की सेटेलाइट तस्वीर पोर्टल पर दर्ज होने के बाद कोई भी व्यक्ति एक ही जमीन, मकान या फ्लैट को दोबारा बेच नहीं सकेगा. अगर ऐसा प्रयास किया गया तो सिस्टम तुरंत अलर्ट देगा और रजिस्ट्री की अनुमति नहीं मिलेगी.

डिजिटल बिहार की ओर एक और कदम

यह नई व्यवस्था बिहार में भूमि सुधार और ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इससे न सिर्फ आम लोगों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि जमीन विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है.

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