Bihar Vidhan Sabha Chunav 2020: मोकामा से चुनावी मैदान में तेजस्वी के ‘बैड एलिमेंट’ अनंत सिंह, RJD की टिकट पर किया नामांकन

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2020: घर से एके-47 बरामदगी मामले में जेल की सजा काट रहे बाहुबली नेता Anant Singh ने Mokama Seat से नामांकन कर दिया है. Anant Singh को RJD ने टिकट दिया था. Mokama से Anant Singh की पत्नी Neelam Devi ने भी नामांकन किया है.
पटना: Bihar Vidhan Sabha Chunav 2020: घर से एके-47 बरामदगी मामले में जेल की सजा काट रहे बाहुबली नेता अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से नामांकन कर दिया है. अनंत सिंह को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने टिकट दिया था. मोकामा से अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने भी नामांकन किया है. माना जाता है कि खुद के नामांकन के खारिज होने के डर से अनंत सिंह ने पत्नी का भी नॉमिनेशन कराया है. अनंत सिंह की टक्कर जेडीयू के राजीव लोचन सिंह से होगी. बड़ी बात यह है कि राजद में बाहुबली अनंत सिंह की एंट्री से बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर जारी सियासत गरमा गई है.
अनंत सिंह को छोटे सरकार के नाम से जाना जाता है. वो बड़े नेताओं के खिलाफ कुछ भी बोल देते हैं. बिहार के सीएम नीतीश कुमार के करीबी रहे अनंत सिंह पटना के बेउर जेल में बंद हैं. 2005 से 2014-15 तक अनंत सिंह मोकामा से जेडीयू के विधायक रहे. 2015 में जेडीयू-राजद गठबंधन हो गया. इसी दौरान बाढ़ में पुटुस यादव की अपहरण के बाद हत्या हो जाती है. इस हत्याकांड में अनंत सिंह का नाम सामने आया. लालू प्रसाद यादव नाराज हो गए. अनंत सिंह जेडीयू से बाहर हो गए और सीधे जेल पहुंच गए. बड़ी बात यह रही कि इतना सब होने के बावजूद अनंत सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.
अनंत सिंह शौक और सनक के लिए जाने जाते हैं. बाढ़ के नदमा में 1 जुलाई 1961 को जन्में अनंत सिंह के बारे में कहा जाता है वो पहली बार 9 साल की उम्र में जेल गए थे. चार भाईयों में सबसे छोटे अनंत सिंह का अपराध की दुनिया में कद सबसे बड़ा है. ‘रॉबिनहुड’ और ‘छोटे सरकार’ के नाम से फेमस अनंत सिंह अपना म्यूजिक वीडियो बनवा चुके हैं. घोड़ों के शौकीन अनंत सिंह लालू यादव के घोड़े को खरीद चुके हैं. एक बार मर्सिडीज पसंद आई तो उसके मालिक पर दबाव डालकर गाड़ी अपने पास रख ली. 2007 में एक महिला से रेप के आरोप से जुड़े सवाल पूछने पर अनंत सिंह ने एक पत्रकार की खूब पिटाई की थी.
छोटी उम्र में अनंत सिंह को पता चल गया था कि दबंगई जारी रखने के लिए राजनीति में जाना जरूरी है. लिहाजा 1985 में अनंत सिंह ने बड़े भाई को चुनाव लड़ाया. लेकिन, उन्हें चुनाव में जीत नहीं मिली. अनंत सिंह 2005 के विधानसभा चुनाव से राजनीति में आए. इसके बाद अनंत सिंह ने फरवरी 2005, अक्टूबर 2005, 2010 और 2015 में मोकामा से निर्दलीय चुनाव जीता. अनंत सिंह पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पटना की एमपी-एमलए कोर्ट में 18 केस चल रहे हैं. बाढ़ में भी दो केस हैं. अक्टूबर 2019 में अनंत सिंह के घर से एके-47 समेत कई हथियार मिले थे. इसके बाद देशभर में खूब हंगामा हुआ था.
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