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Bihar Election 2020 : 2015 में 12 प्रत्याशियों से आगे था नोटा, कोरोना काल में हो रहे इस चुनाव में गुलाबी नोटा दिखाएगा कौन सा खेल?

Updated at : 19 Oct 2020 8:30 AM (IST)
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Bihar Election 2020 : 2015 में 12 प्रत्याशियों से आगे था नोटा, कोरोना काल में हो रहे इस चुनाव में गुलाबी नोटा दिखाएगा कौन सा खेल?

Bihar Election 2020 : सोन के किनारे और कभी औद्योगिक नगरी के नाम से विख्यात 212 डेहरी विधानसभा जिले की चर्चित सीट रही है.

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मंतोष कुमार, पटेल/सासाराम : सोन के किनारे और कभी औद्योगिक नगरी के नाम से विख्यात 212 डेहरी विधानसभा जिले की चर्चित सीट रही है. इसी सीट से मो इलियास हुसैन जैसे नेता हुए, जो मंत्री तक बने. समाजवादियों का गढ़ भी इसे कह सकते हैं. क्योंकि कांग्रेस को बहुत कम ही मौका यहां के मतदाता देते रहे हैं.

इसी समाजवाद के कारण 2015 के चुनाव में 12 प्रत्याशियों से आगे नोटा निकल गया था. नोटा को 4458 लोगों ने पसंद किया था. उस समय के चुनाव में 15 प्रत्याशी मैदान में थे, कुल 145655 (53.36 फीसद) वोट पड़े थे. इसके कुल 4458 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया था. वर्तमान 2020 के चुनाव में भी स्थिति वही बनती नजर आ रही है.

उप चुनाव में जीती भाजपा को राजद के नये उम्मीदवार फतेह बहादुर सिंह, निर्दलीय राजू गुप्ता और पुराने खिलाड़ी प्रदीप जोशी टक्कर देने को संघर्ष कर रहे हैं. इन तीनों के अलावे चार छोटे दलों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं और साथ ही सात निर्दलीय भी उतरे हुए हैं, सो मतदाता 2015 की तरह सोचने लगे हैं, तो क्या नोटा का ग्राफ बढ़ेगा?

अगर बढ़ा तो इसका असर सभी उम्मीदवारों पर पड़ेगा और जीत हार का आंकड़ा कम होगा. जो कि उप चुनाव में बहुत अधिक था. 2015 के चुनाव में रालोसपा प्रत्याशी रिंकू सोनी को राजद के इलियास हुसैन ने पराजित किया था. इलियास हुसैन को 49402 (33.92 फीसदी) और रिंकू सोनी को 45504 (31.24 फीसदी) मत मिले. प्रदीप कुमार जोशी 29541 (20.28 फीसदी) मत लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे.

मात्र एक महिला ही बन सकी हैं विधायक

2010 के विधानसभा चुनाव में पहली बार कोई महिला जीत कर विधायक बनी थीं. इससे पहले और इसके बाद अबतक महिलाओं की जीत शून्य रही है. इस बार भी दो महिलाएं चुनाव मैदान में हैं. 2010 के चुनाव में कुल 16 प्रत्याशी थे. 53.33 फीसदी मतदान हुआ था, जिसमें 13 प्रत्याशियों को पांच फीसदी से भी कम मत प्राप्त हुए थे. इस चुनाव में ज्योति रश्मि निर्दलीय के रूप में 43634 मत प्राप्त कर क्षेत्र से पहली महिला विधायक बनी थी. इसके बाद के चुनावों में महिलाएं कभी दूसरा स्थान भी नहीं ला पायी.

प्रदीप ने बनाया था रिकॉर्ड

2005 में यहां से प्रदीप जोशी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में रिकॉर्ड 43 हजार मतों से जीत दर्ज की थी. उन्हें 70558 वोट मिले थे, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद के इलियास हुसैन को 27281 मत मिले थे. भाजपा की शिला सिंह 8878 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रही थी. स्थानीय मतदाओं का कहना है कि इस विधानसभा क्षेत्र में विकास का मुद्दा ही प्रभावी रहा है.

2015 के चुनाव में 12 प्रत्याशियों को मिले वोट

पार्टी उम्मीदवार का नाम कुल वोट वोट प्रतिशत

  • नोटा नोटा 4458 3.06

  • सीपीआइ अशोक कुमार सिंह 2197 2.00

  • बीएसपी संतोष कुमार पांडेय 2154 1.00

  • आइनएडी राजू कुमार 2146 1.00

  • आइनएडी डॉ प्रो राजकुमार 1730 1.00

  • सीपीआइ ब्रज मोहन सिंह 1723 1.00

  • एसपी उपेंद्र कुमार शक्ति 1529 1.00

  • आइएनडी मुनेश्वर गुप्ता 1280 1.00

  • एसएचएस जगलाल यादव 1149 1.00

  • जीबीडी विपिन बिहारी सिंह 935 1.00

  • आइएनडी कमल किशोर पाल 725 1.00

  • आइएनडी राम गोविंदधर दूबे 677 0.00

  • आइएनडी नरेंद्र कुमार मौर्य 505 0.00

Posted by Ashish Jha

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