Bihar Election 2020: दलितों के बीच जायेंगे जदयू के नेता, बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान शुरू करने की चल रही तैयारी...
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 22 Sep 2020 9:58 AM
पटना: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों के बीच जदयू के दलित नेता जायेंगे. पार्टी नेताओं ने अक्तूबर से बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान चलाने की योजना बनायी है. इसे अंतिम रूप 26 सितंबर को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषि देव के आवास पर होने वाली बैठक में दिया जायेगा. यह निर्णय सोमवार को बिहार विधानमंडल एवं संसद के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के जदयू नेताओं की बैठक में हुआ. इस बैठक का आयोजन योजना एवं विकास मंत्री सह उद्योग विभाग के मंत्री महेश्वर हजारी के आवास पर किया गया था. बैठक से पहले पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके तैल चित्र पर नेताओं ने माल्यार्पण किया.
पटना: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों के बीच जदयू के दलित नेता जायेंगे. पार्टी नेताओं ने अक्तूबर से बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान चलाने की योजना बनायी है. इसे अंतिम रूप 26 सितंबर को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषि देव के आवास पर होने वाली बैठक में दिया जायेगा. यह निर्णय सोमवार को बिहार विधानमंडल एवं संसद के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के जदयू नेताओं की बैठक में हुआ. इस बैठक का आयोजन योजना एवं विकास मंत्री सह उद्योग विभाग के मंत्री महेश्वर हजारी के आवास पर किया गया था. बैठक से पहले पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भोला पासवान शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके तैल चित्र पर नेताओं ने माल्यार्पण किया.
बैठक को संबोधित करते हुए भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश सरकार में दलितों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किये गये हैं. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नीतीश सरकार में किये गये कामों की जानकारी आम मतदाताओं तक पहुंचाना जरूरी है. उन्होंने इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रचार अभियान चलाने के मुद्दे पर चर्चा की.
बैठक के दौरान योजना एवं विकास मंत्री सह उद्योग विभाग के मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सच्चे अर्थों में दलितों के नेता हैं. कोई दलित के घर में केवल पैदा हो जाने से ही दलितों का नेता नहीं हो जाता. उन्होंने सभी दलित नेताओं से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हाथ मजबूत करने की अपील की. परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ही सोच का नतीजा है कि दलित अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं. दलितों के उत्थान के लिए दलित बजट को 15 वर्षों में 40 करोड़ से बढ़ाकर 1700 करोड़ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही किया है.
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बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषि देव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दलितों को मुख्य धारा में लाने के लिए दलित उद्यमी योजना, दलित परिवार में किसी व्यक्ति की हत्या होने पर परिवार के किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की योजना, दलितों को बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद मुख्य परीक्षा के तैयारी के लिए आर्थिक सहायता सहित अन्य योजनाएं चलायी हैं.इस बैठक में विधायक ललन पासवान, शशिभूषण हजारी, रवि ज्योति, प्रभुनाथ प्रसाद सहित अन्य नेता शामिल रहे.
Published by : Thakur Shaktilochan Shandilya
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