‍Bihar: DMCH के मेडिसिन विभाग में फर्श पर लिटाकर हो रहा मरीजों का उपचार, जाने किस वार्ड में कितना बेड

Updated at : 12 Sep 2022 6:58 AM (IST)
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‍Bihar: DMCH के मेडिसिन विभाग में फर्श पर लिटाकर हो रहा मरीजों का उपचार, जाने किस वार्ड में कितना बेड

दरभंगा के DMCH के मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हो गयी है.वार्ड में बेड नहीं मिलने पर मरीजों को फर्श पर लिटाकर उपचार कि जा रहा है. इस कारण मरीज व परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है.

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दरभंगा के DMCH के मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हो गयी है.वार्ड में बेड नहीं मिलने पर मरीजों को फर्श पर लिटाकर उपचार कि जा रहा है. इस कारण मरीज व परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है. विदित हो कि विभाग में करीब 175 बेड हैं. अभी सभी बेडों पर मरीज इलाजरत हैं. विभागीय जानकारी के अनुसार, रोजाना 40 से 50 नये मरीज भर्ती हो रहे हैं. इससे पहले करीब 30 से 40 मरीज को ही लंबे उपचार के लिए भर्ती किया जाता था. मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से बेड नहीं मिल रहा है. यह समस्या पिछले लगभग एक सप्ताह से बढ़ गयी है.

जनरल मेडिसिन विभाग में 129 बेड एप्रूव

मालूम हो कि एनएमसी गाइडलाइन के अनुसार डीएमसीएच के जनरल मेडिसिन विभाग में 129 बेड एप्रूव हैं, लेकिन मरीजों के हित में अस्पताल प्रशासन की ओर से अतिरिक्त करीब 45 बेड लगाये गये हैं, बावजूद मरीजों की संख्या बढ़ने पर उनको बेड नहीं मिल पाता है. इधर, आइसीयू में 15 बेड एप्रूव होने के बावजूद अतिरिक्त चार बेड लगाये गये हैं, जो प्राय: हमेशा मरीजों से फुल रहता है. रोजाना ओपीडी में 15 से दो हजार मरीज इलाज के लिए डीएमसीएच पहुंचते हैं. चिकित्सकों ने बताया कि मौसमी बुखार, सर्दी, खांसी, पेट में समस्या आदि से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है. इस कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है.

बेड के लिए करना पड़ा इंतजार

विभाग में इलाजरत मधुबनी निवासी संतोष ने बताया कि उन्हें कई दिनों से बुखार है. इस कारण वह विगत तीन दिनों से यहां भर्ती है. बेड के लिए उसे एक दिन इंतजार करना पड़ा. वह शुक्रवार को यहां भर्ती हुआ था. अगले दिन शनिवार को बेड खाली होने पर बेड नसीब हुआ. बेड नहीं मिलने पर उठने-बैठने में काफी समस्या होती थी. वहीं नर्सों को भी दवा फॉलो करने में दिक्कत का सामना करना पड़ा, जबकि सफाई कर्मियों ने भी वार्ड की सफाई में समस्या होने की बात बतायी. बता दें कि फर्श पर अतिरिक्त बेड लगाने के कारण वार्ड में जगह का अभाव हो गया है. इस कारण मरीज, चिकित्सक व कर्मियों को आने-जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है.

विभागों के लिए 1050 बेड एप्रूव

जनरल मेडिसिन- 126

टीबी व स्वसन रोग- 30

कालाजार मेडिसिन- 25

आइडीएच- 50

आइसीयू- 04

आइसीसीयू- 10

साइक्रेटिक- 30

चर्म व यौन रोग- 34

लेप्रोसी- 20

रेडियोथेरेपी- 25

शिशु वार्ड- 44

कालाजार शिशु- 15

शिशु पेइंग वार्ड- 14

जनरल सर्जरी पेडियाट्रिक्स सर्जरी सहित- 191

सीसीडब्लयू- 36

कार्डियोथोरेसिक सर्जरी- 10

बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी- 12

डेंटल सर्जरी- 04

ऑर्थोपेडिक- 71

सर्जरी पेइंग वार्ड- 48

ऑपथैल्मोलॉजी- 54

इएनटी- 35

नर्सिंग होम- 04

इंडियन पेइंग वार्ड- 02

प्रसव वार्ड- 50

स्त्री रोग- 50

लेबर रूम- 10

सेप्टिक वार्ड- 13

एक्लेम्पसिया रूम- 05

ऑब्जर्वेशन- 05

गायनी पेइंग वार्ड- 20

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