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कोरोना संकट में भी बेमिसाल बिहार, आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 रिपोर्ट पेश, डबल डिजिट में विकास दर बरकरार

Updated at : 19 Feb 2021 7:48 PM (IST)
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कोरोना संकट में भी बेमिसाल बिहार, आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 रिपोर्ट पेश, डबल डिजिट में विकास दर बरकरार

Bihar Economic Survey Report: बिहार की विकास दर डबल डिजिट में बरकरार है. आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 के मुताबिक राज्य की विकास दस 10.5% रही. कोरोना संकट के बावजूद बिहार की विकास दर बेमिसाल है. इस दौरान लोगों की आमदनी भी बढ़ी है. इस अवधि में प्रति व्यक्ति आय 31 हजार 287 रुपए रही, जो 2018-19 की प्रति व्यक्ति आय 28 हजार 668 रुपये की तुलना में 2,619 रुपए ज्यादा है.

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  • 2018-19 की तुलना में प्रति व्यक्ति आय 2,619 रुपए ज्यादा

  • कोरोना महामारी के बावजूद बिहार की विकास दर 10.5%

  • प्रति व्यक्ति आय की राष्ट्रीय औसत से बिहार काफी पीछे

Bihar Economic Survey Report: बिहार की विकास दर डबल डिजिट में बरकरार है. आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 के मुताबिक राज्य की विकास दस 10.5% रही. कोरोना संकट के बावजूद बिहार की विकास दर बेमिसाल है. इस दौरान लोगों की आमदनी भी बढ़ी है. इस अवधि में प्रति व्यक्ति आय 31 हजार 287 रुपए रही, जो 2018-19 की प्रति व्यक्ति आय 28 हजार 668 रुपये की तुलना में 2,619 रुपए ज्यादा है. हालांकि, बिहार में प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से 32 प्रतिशत कम है.

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डिप्टी सीएम ने पेश किया विशेष रिपोर्ट

बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की रिपोर्ट पेश की गई. डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने रिपोर्ट को पहली बार सदन में पेश किया. सभी सेक्टरों के वित्तीय वर्ष 2019-20 के आंकड़ों को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की गई है. कुछ विभागों के आंकड़ें सितंबर 2020 तक के लिए गए हैं. सदन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद डिप्टी सीएम ने विधानसभा ऐनेक्सी के सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की वित्तीय स्थिति का पूरा खाका प्रस्तुत किया.

कोरोना संकट के बावजूद 10.5% विकास दर

डिप्टी सीएम ने बताया कि कोरोना महामारी के बावजूद विकास दर 10.5% रही है. राज्य की प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है. वित्तीय वर्ष 2019-20 के नेट स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (एनएसडीपी) के आधार पर बिहार की प्रति व्यक्ति आय 31 हजार 287 रुपये है, जो 2018-19 की प्रति व्यक्ति आय 28 हजार 668 रुपये की से 2,619 रुपये अधिक है. वहीं, स्थिर मूल्य पर अगर प्रति व्यक्ति आय की स्थिति देखी जाए तो 2019-20 में यह 34 हजार 413 रुपये है, जो 2018-19 के प्रति व्यक्ति आय 31 हजार 626 रुपये से ज्यादा है. वर्तमान मूल्य पर इस अवधि में यह 50 हजार 735 रुपये है.

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बिहार से तीन गुना ज्यादा राष्ट्रीय औसत

अभी राष्ट्रीय औसत की तुलना में बिहार काफी पीछे है. देश की प्रति व्यक्ति आय 94,954 रुपए है, जो बिहार से करीब तीन गुना ज्यादा है. चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी का प्रभाव काफी पड़ा है. इस पर आधारित विकास दर, प्रति व्यक्ति आय समेत अन्य आंकड़े अगले आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में सामने आएंगे. आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में 13 अध्याय शामिल किये गये हैं, जो अलग-अलग सेक्टरों की वित्तीय और मौद्रिक स्थिति को दर्शाते हैं. सभी के अंत में कोरोना काल के दौरान संबंधित क्षेत्र में सुधार के लिए किए गए कार्यों का ब्योरा भी दिया गया है. किस क्षेत्र में सुधार के लिए कौन से उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं और इनका क्या प्रभाव पड़ा है?इसका जिक्र भी किया गया है.

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