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Bihar Board के बच्चों के मन में डर, CBSE के छात्रों से पीछे रहें तो क्या होगा? जानिए क्या है बड़ी वजह

Updated at : 02 Jan 2021 7:31 PM (IST)
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Bihar Board के बच्चों के मन में डर, CBSE के छात्रों से पीछे रहें तो क्या होगा? जानिए क्या है बड़ी वजह

Bihar Board News: बिहार बोर्ड और सीबीएसई के छात्रों के एग्जाम की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. अगर तारीखों को देखें तो सीबीएसई की 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को तैयारी का मिल जाएगा. लेकिन, बिहार बोर्ड के मैट्रिक और इंटर के छात्रों को तैयारी का मौका नहीं मिल सकेगा.

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Bihar Board News: बिहार बोर्ड और सीबीएसई के छात्रों के एग्जाम की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. अगर तारीखों को देखें तो सीबीएसई की 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को तैयारी का मौका मिल जाएगा. लेकिन, बिहार बोर्ड के मैट्रिक और इंटर के छात्रों को तैयारी का मौका नहीं मिलेगा. कोरोना संकट में करीब नौ महीने तक स्कूल बंद रहने के बाद अब छात्रों के मन में बड़ा सवाल है- क्या वो रिजल्ट में सीबीएसई के छात्रों के पीछे रह जाएंगे?

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एक नजर में देखिए डेट शीट में क्या है?

सीबीएसई की परीक्षा चार मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेंगी. 4 जनवरी से 9वीं और 12वीं के क्लास शुरू होंगे. इस आधार पर देखें तो सीबीएसई के छात्रों को पढ़ाई करने के लिए कम से कम चार महीने मिल जाएंगे. दूसरी तरफ बिहार बोर्ड के छात्रों की 12वीं की परीक्षाएं एक से 13 फरवरी और मैट्रिक की परीक्षा 17 से 24 फरवरी के बीच होगी. बिहार में भी 4 जनवरी से क्लास शुरू होंगे. लेकिन, परीक्षार्थियों को पढ़ने के लिए एक महीने मिलेगा.

सीबीएसई सिलेबस में 30 फीसदी कटौती

कोरोना संकट के बाद खुलने जा रहे स्कूल को देखते हुए सीबीएसई बोर्ड ने छात्रों के कोर्स में 30 फीसदी तक की कटौती की है. स्टूडेंट्स से 70 प्रतिशत सिलेबस से ही सवाल पूछे जाएंगे. बिहार बोर्ड ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है. कहने का मतलब है कि एक महीने के दौरान बिहार बोर्ड के परीक्षार्थियों को पूरा सिलेबस पढ़ना है. कम क्लास के बावजूद पूरे कोर्स से सवाल आया तो छात्रों को कम नंबर आने का डर है. आगे की पढ़ाई में दिक्कतें होने के चांसेज भी हैं.

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लॉकडाउन से बच्चों की पढ़ाई पर असर

पिछले साल कोरोना संकट में लॉकडाउन लगाया गया था. कोरोना संकट के बाद स्कूल बंद कर दिए गए. इस दौरान ऑनलाइन क्लास के जरिए बच्चों को पढ़ाया गया. परीक्षार्थियों के मुताबिक ऑनलाइन क्लास उनकी उतनी हेल्प नहीं कर सका है. पढ़ाई तो हुई पर स्कूल के माहौल से बहुत कुछ समझने का मौका मिलता था. अब, स्कूल खुलने के बाद एक महीने के अंदर परीक्षा होने जा रहे हैं. इस ऐलान से कई छात्रों के मन में रिजल्ट प्रभावित होने का डर है.

Posted : Abhishek.

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