बिहार में जमीन की नापी हुई महंगी, शहर-गांव के लिए अलग-अलग फीस, देना होगा ऑनलाइन आवेदन

Edited by Preeti Dayal
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बिहार में जमीन की नापी हुई महंगी

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन की नापी कराना अब महंगा पड़ने वाला है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए अलग-अलग दरें तय की गईं हैं. इसके साथ ही नापी को लेकर सभी प्रक्रियाएं भी ऑनलाइन होंगी.

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Bihar Bhumi: बिहार में अगर आपको जमीन की नापी करानी है तो उसके लिए पहले से लगभग दोगुने पैसे देने पड़ेंगे. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से अधिसूचना जारी की गई. जारी किए गए अधिसूचना के मुताबिक, शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों के लिए अलग-अलग दरें तय की गईं हैं. विभाग से आदेश के बाद सभी संबंधित अधिकारियों को नई दर पर ही नापी कराने का आदेश दिया गया है.

ग्रामीण इलाके में इतना देना पड़ेगा शुल्क

जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में सामान्य मापी के लिए जमीन मालिक को प्रति खेसरा एक हजार रुपये देना पड़ेगा. साथ ही अधिकतम चार हजार रुपये तक शुल्क देना होगा. इसके अलावा तत्काल जमीन की नापी के लिए प्रति खेसरा 2 हजार रुपये और अधिकतम 8 हजार रुपये तय किया गया है. जबकि पहले की बात करें तो, सामान्य नापी के लिए अधिकतम शुल्क एक हजार रुपये ही लिया जाता था.

शहरी इलाके के लिए रेट तय

इसके साथ ही शहरी इलाकों यानी कि नगर परिषद, नगर निगम या नगर पंचायत की जमीन की नापी की बात करें तो, उसके लिए अलग रेट तय किया गया है. नगर निकाय में सामान्य नापी के लिए प्रति खेसरा 2 हजार रुपये और अधिकतम 8 हजार रुपये तय किया गया है. जबकि तत्काल अगल नापी कराना हो तो, इसके लिए प्रति खेसरा 4 हजार रुपये और अधिकतम 18 हजार रुपये तक देना पड़ जाएगा.

जमीन नापी को लेकर ऑनलाइन होगी सभी प्रक्रिया

खास बात यह है कि जमीन नापी की सभी प्रक्रिया अब ऑनलाइन ही होने वाली है. विभाग की ओर से जो अधिसूचना जारी की गई है, उसमें स्पष्ट किया गया है कि जमीन नापी के लिए आवेदन ऑनलाइन ही लिए जायेंगे. आवेदन मिलने के बाद संबंधित कार्यालय उसे अंचल जमीन के पास भेजा जाएगा.

इसके बाद अमीन सिर्फ दो दिनों में ही नापी की प्रक्रिया पूरी करेंगे. इस नई व्यवस्था से अब जमीन की नापी या फिर जमीन से जुड़े किसी भी काम के लिए अंचल कार्यालय या फिर अंचल अमीन के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. जमीन मालिक से शुल्क ऑनलाइन लिए जायेंगे. ऐसे में यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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