Bihar Bhumi: अब एक क्लिक पर मिलेगी सरकारी जमीन, लैंड बैंक पोर्टल से खुलेगा निवेश का रास्ता!

Bihar Land Bank
Bihar Bhumi: अब उद्योग लगाने के लिए जमीन की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा. बिहार सरकार एक ऐसा पोर्टल लाने जा रही है, जो सरकारी जमीन से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या का समाधान बन सकता है.
Bihar Bhumi: बिहार को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐसा बड़ा कदम उठाया है जो निवेशकों और उद्यमियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा. अब बिहार में उद्योग लगाने के लिए जमीन की तलाश में दफ्तरों के चक्कर काटने और सालों का इंतजार करने के दिन लदने वाले हैं.
सरकार राज्य के सभी 38 जिलों में ‘लैंड बैंक पोर्टल’ विकसित करने जा रही है, जहां एक ही छत के नीचे सरकारी जमीन का पूरा कच्चा-चिट्ठा मौजूद होगा. यह पहल न केवल पारदर्शिता लाएगी बल्कि उन बिचौलियों के नेटवर्क को भी ध्वस्त कर देगी जो अब तक जमीन आवंटन की प्रक्रिया में बाधा बनते थे.
बिहार में जमीन व्यवस्था का डिजिटल मोड़
बिहार में औद्योगीकरण को रफ्तार देने की दिशा में सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. राज्य के सभी 38 जिलों में लैंड बैंक पोर्टल बनाया जाएगा, जिसमें जिलेवार सरकारी जमीन का पूरा ब्योरा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा. इस पोर्टल पर जमीन की लोकेशन से लेकर उसका रकबा और अन्य जरूरी विवरण दर्ज होंगे, ताकि इच्छुक निवेशक या संस्थान एक ही मंच से जमीन की उपलब्धता देख सकें.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस पोर्टल के विकास को लेकर सभी जिलों के समाहर्ताओं को निर्देश जारी कर दिए हैं. सरकार का उद्देश्य साफ है जमीन से जुड़ी जटिलताओं को खत्म कर उद्योग और अन्य उपक्रमों की स्थापना को आसान बनाना.
एक क्लिक पर दिखेगी सरकारी जमीन
लैंड बैंक पोर्टल के जरिए संबंधित जिले में मौजूद सरकारी जमीन की पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने आएगी. अब तक जमीन की जानकारी अलग-अलग कार्यालयों में बिखरी रहती थी, जिससे निवेशकों को काफी परेशानी होती थी. नई व्यवस्था में पोर्टल पर उपलब्ध विवरण देखकर जमीन आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा और अधिकांश प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही पूरी होगी.
इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि जमीन आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी. सरकार का मानना है कि डिजिटल सिस्टम से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और विवादों की गुंजाइश भी घटेगी.
औद्योगीकरण को मिलेगा बड़ा सहारा
राज्य सरकार पहले ही सरकारी जमीन का लैंड बैंक बनाने का फैसला कर चुकी थी. इसका मूल उद्देश्य बिहार में निवेश को बढ़ावा देना और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है. जमीन की उपलब्धता किसी भी उद्योग की स्थापना की पहली और सबसे बड़ी जरूरत होती है. ऐसे में यह पोर्टल सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में काम करेगा, जिससे जमीन आवंटन से जुड़ी समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी.
सरकार को उम्मीद है कि इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में नए उद्योग स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
अवैध कब्जे और फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
सरकारी जमीन के निजी व्यक्तियों के नाम पर अवैध हस्तांतरण के कई मामले सामने आने के बाद सरकार ने इस दिशा में सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं. लैंड बैंक पोर्टल से सरकारी जमीन का रिकॉर्ड सार्वजनिक होने पर ऐसे मामलों पर रोक लगने की संभावना है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
लैंड बैंक पोर्टल बिहार की जमीन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है. यदि इसे प्रभावी तरीके से लागू किया गया, तो यह न सिर्फ उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराएगा, बल्कि पारदर्शिता, भरोसे और विकास तीनों को एक साथ मजबूत करेगा.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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