बिहार में भगवान भरोसे मरीज खा रहे आयुर्वेदिक दवा, जांच अधिकारी के 14 पद मगर एक पर भी नियुक्ति नहीं

Updated at : 17 Feb 2023 7:51 AM (IST)
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बिहार में भगवान भरोसे मरीज खा रहे आयुर्वेदिक दवा, जांच अधिकारी के 14 पद मगर एक पर भी नियुक्ति नहीं

बिहार में आयुर्वेदिक दवाएं सही मिल रही हैं या नहीं, इसकी जानकारी न तो औषधि नियंत्रण प्रशासन को है और नहीं आयुष निदेशालय के अधिकारियों को. दरअसल, पटना सहित पूरे बिहार में आयुर्वेदिक दवाओं की जांच केलिए ड्रग इंस्पेक्टर के पद तो स्वीकृत हैं.

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आनंद तिवारी, पटना

बिहार में आयुर्वेदिक दवाएं सही मिल रही हैं या नहीं, इसकी जानकारी न तो औषधि नियंत्रण प्रशासन को है और नहीं आयुष निदेशालय के अधिकारियों को. दरअसल, पटना सहित पूरे बिहार में आयुर्वेदिक दवाओं की जांच केलिए ड्रग इंस्पेक्टर के पद तो स्वीकृत हैं, लेकिन उन पर नियुक्ति नहीं होने से जांच नहीं हो पा रही है. वहीं, दूसरी ओर औषधि नियंत्रण प्रशासन को भी इसकी जिम्मेदारी नहीं दी गयी है. ऐसे में एलोपैथिक दवाओं की जांच करने वाले ड्रग इंस्पेक्टर आयुर्वेदिक दवाओं की जांच नहीं कर पाते हैं. नतीजतन आयुर्वेदिक दवाओं की गुणवत्ता खराब है या दवाओं में संबंधित तत्व है या नहीं है, इसकी जांच नहीं हो पा रही है.

पटना में नियुक्त ड्रग इंस्पेक्टर चार साल पहले हो गये रिटायर

आयुर्वेदिक दवाओं की जांच के लिए 14 पद स्वीकृत किये गये हैं. लेकिन आज तक इन पदों पर बहाली नहीं हो पायी है. पटना में आयुर्वेदिक दवाओं की जांच के लिए अशोक दुबे बतौर ड्रग इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त किये गये थे, लेकिन करीब चार साल पहले वह रिटायर हो गये. तब से उस पद पर भी बहाली नहीं हो पायी है. ऐसे में राजधानी में भी जांच नहीं हो रही है. वहीं, जानकारों का कहना है कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र आदि राज्यों में यह जिम्मा हर जिले के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी को दिया गया है. उन्हें हर माह कम-से-कम दो सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने का निर्देश है. बिहार में कई ऐसे जिले हैं, जहां आयुर्वेदनिदेशालय के अधीन दवाओं की जांच के लिए अलग से ड्रग इंस्पेक्टर नहीं हैं. इतना ही नहीं, प्रदेश के सभी जिले में जिला देशी चिकित्सा अधिकारी का गठन किया गया है. लेकिन, सैंपल लेकर जांच करने की जिम्मेदारी नहीं दी गयी है.

नहीं चलेगा संदिग्ध दवाओं का कारोबार

आयुष निदेशालय की विशेष कार्य पदाधिकारी रेणु कुमारी बताती हैं कि किसी भी कीमत पर संदिग्ध आयुर्वेदिक दवाओं का कारोबार नहीं चलने दिया जायेगा. इसके लिए सभी अफसरों को निर्देश दिया गया है. वहीं ड्रग इंस्पेक्टर के जो 14 पद खाली पड़े हैं, उन पर भी जल्द बहाली की जायेगी, इसके लिए कमेटी काम कर रही है.

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