ePaper

चमत्कारी शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है बिहार का यह शिव मंदिर, भक्तों की हर मनोकामना यहां होती है पूरी

Updated at : 26 Feb 2025 11:21 AM (IST)
विज्ञापन
bhojpur shiv temple| Shri Bankhanditnath Shiv Temple of Bihar is famous for its miraculous powers.

मंदिर की तस्वीर

Famous Shiv Temple: बिहार के भोजपुर के हरिगांव में स्थित श्री बाणखण्डितनाथ शिव मंदिर आस्था और चमत्कारों का केंद्र माना जाता है. कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापर युग में इस शिवलिंग की स्थापना की थी. यह मंदिर श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी करने के लिए प्रसिद्ध है.

विज्ञापन

Famous Shiv Temple: बिहार के भोजपुर जिले के हरिगांव में स्थित श्री बाणखण्डितनाथ शिव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापर युग में इस शिवलिंग की स्थापना की थी. यह मंदिर अपनी चमत्कारी शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है, जहां भक्तों की हर मन्नत पूरी होने की बात कही जाती है. मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक इस दिव्य स्थल के दर्शन कर चुके हैं.

श्रीकृष्ण और बाणासुर के युद्ध का साक्षी है यह शिवलिंग

मंदिर को लेकर कई पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं. कहा जाता है कि जब बाणासुर और भगवान श्रीकृष्ण के बीच भयंकर युद्ध हुआ, तो श्रीकृष्ण ने अपने पोते प्रद्युम्न को बचाने के लिए यहां भगवान शिव की स्थापना की थी. इस स्थान को बाणखण्डितनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि बाणासुर के छोड़े गए तीर यहां आकर खंडित हो जाते थे. इस मान्यता के कारण ही यह मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है.

श्रद्धालुओं की मन्नतें होती हैं पूरी

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. एक महिला ने बताया कि उन्होंने यहां बेटे की नौकरी के लिए मन्नत मांगी थी. कुछ सालों बाद बेटे को सरकारी नौकरी मिल गई और बहू भी टीचर बन गई. इसके बाद उन्होंने मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना शुरू कर दी.

प्राचीन मूर्तियों और रहस्यमयी शिलालेख से भरा है मंदिर परिसर

मंदिर के अंदर शिवलिंग के अलावा भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, श्रीकृष्ण, राधा और हनुमान जी की प्राचीन मूर्तियां स्थापित हैं. इन पर अद्भुत कलाकृतियां उकेरी गई हैं. मंदिर परिसर में एक पुराना कुआं भी मौजूद है, जिसकी दीवार पर कैथी लिपि में शिलालेख अंकित है. यह संकेत देता है कि मंदिर का इतिहास काफी पुराना है.

कार्बन डेटिंग भी हुई फेल

2008 में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यहां दर्शन के लिए आए थे. तब पुरातत्व विभाग की टीम ने शिवलिंग की कार्बन डेटिंग कराई थी. हैरानी की बात यह थी कि मशीन भी शिवलिंग की वास्तविक उम्र का पता नहीं लगा पाई. इससे इस मंदिर की प्राचीनता और रहस्यमय शक्ति का अंदाजा लगाया जा सकता है.

Also Read: मुझे बिहार क्यों भेजा? लद्दाख या गोवा भेज देते! बिहार को गाली देते बंगाल की टीचर का वीडियो वायरल

राजनीति और समाज के कई बड़े चेहरे कर चुके हैं दर्शन

इस मंदिर की ख्याति सिर्फ आम श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कई बड़े राजनेता भी यहां आ चुके हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री आरके सिंह, भगवान सिंह कुशवाहा जैसे बड़े नेता इस मंदिर में दर्शन कर चुके हैं. भोजपुर जिले का यह प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, पौराणिक मान्यताओं और चमत्कारी शक्तियों का संगम है. जो भी यहां सच्चे मन से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है. यही कारण है कि यह मंदिर न सिर्फ बिहार, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन