चकाचक होगा आरा स्टेशन, कचरा फैलाने पर जुर्माना

Published at :15 Sep 2016 4:58 AM (IST)
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चकाचक होगा आरा स्टेशन, कचरा फैलाने पर जुर्माना

आरा : आरा रेलवे स्टेशन को साफ-सुथरा एवं चकाचक बनाने के लिए रेल हेल्थ निरीक्षक ने दानापुर रेल मंडल से 50 डस्टबीन की मांग की है, ताकि स्टेशन परिसर में कचरा न फैले. डस्टबीन लगने के बाद यात्रियों से पॉलीथिन, पानी की बोतल, कागज के टुकड़े आदि इधर-उधर न फेंक कर डस्टबीन में डालने की […]

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आरा : आरा रेलवे स्टेशन को साफ-सुथरा एवं चकाचक बनाने के लिए रेल हेल्थ निरीक्षक ने दानापुर रेल मंडल से 50 डस्टबीन की मांग की है, ताकि स्टेशन परिसर में कचरा न फैले. डस्टबीन लगने के बाद यात्रियों से पॉलीथिन, पानी की बोतल, कागज के टुकड़े आदि इधर-उधर न फेंक कर डस्टबीन में डालने की अपील की जायेगी. इस संबंध में रेल हेल्थ निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अगर कोई यात्री डस्टबीन लगने के बाद सीधे प्रयोग नहीं करेंगे, तो उन पर जुर्माना लगाया जायेगा.

उन्होंने बताया कि गंदगी फैलाने वाले यात्रियों पर रेलवे एक्ट के तहत 500 रुपये तक आर्थिक दंड लगाये जायेंगे. अगर कोई यात्री नियम के विरुद्ध कार्य करेगा, तो आर्थिक दंड के साथ जेल का भी प्रावधान एक्ट में है. स्टेशन को साफ-सुथरा रखने एवं सुंदर बनाने के लिए स्टेशन परिसर में जगह-जगह जागरूकता संबंधी बैनर भी लगाये जायेंगे. श्री सिंह ने बताया कि स्टेशन को सुंदर व स्वच्छ बनाने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, उठाये जायेंगे, ताकि यात्रियों को हर सुविधाएं मिल सकें. उन्होंने कहा कि प्लेटफाॅर्मों को स्वच्छ रखने के लिए 10 सफाई कर्मियों को लगाया जायेगा.

दानापुर से मंगाये जा रहे 50 डस्टबीन, लगाये जायेंगे 10 सफाईकर्मी
स्टेशन परिसर को सुंदर बनाने संबंधी लगाये जायेंगे जागरूकता बैनर
टॉयलेट की सफाई नहीं होने से यात्रियों को परेशानी
रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर निर्माण कराये गये पेशाब खाना की सफाई नहीं होने एवं वहां से निकलने वाली बदबू से यात्रियों समेत आम लोगों को भारी परेशानी होती है. वहीं वहां से निकलने वाली मूत्र से कई प्रकार की बीमारियां होने की संभावनाएं बनी रहती है. यात्रियों की मानें, तो रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए टॉयलेट तो बना दी है,
लेकिन निर्माण के बाद उसकी कभी साफ-सफाई कराती ही नहीं है. अगर सप्ताह में उसकी एक बार भी सफाई करा दी जाये, तो कम-से-कम से होने वाली भारी बदबू से तो निजात ही अवश्य मिल जायेगी. ऐसी भी बात नहीं है कि विभाग के पास सफार्इ कर्मी नहीं होते हैं, बल्कि अच्छी मानदेय पर स्वीपर भी बहाल हैं. ऐसे में इन पेशाब खानों की सफाई नहीं होती है, तो यह रेलवे की लापरवाही की होगी.
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