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मधुमेह की िगरफ्त में युवा, बदलें जीवनशैली

आरा : भाग-दौड़ भरे जीवन में युवाओं को मधुमेह अपनी गिरफ्त में ले रहा है. समाज के हर सातवें व्यक्ति मधुमेह की चपेट में है. पहले यह बीमारी 40 की उम्र के बाद ही होती थी, लेकिन आजकल बच्चों में भी इसका मिलना चिंता का एक बड़ा कारण हो गया है. मधुमेह को धीमी मौत […]

आरा : भाग-दौड़ भरे जीवन में युवाओं को मधुमेह अपनी गिरफ्त में ले रहा है. समाज के हर सातवें व्यक्ति मधुमेह की चपेट में है. पहले यह बीमारी 40 की उम्र के बाद ही होती थी, लेकिन आजकल बच्चों में भी इसका मिलना चिंता का एक बड़ा कारण हो गया है. मधुमेह को धीमी मौत भी कहा जाता है. यह ऐसी बीमारी है, जो एक बार किसी को हो जाये, उसे फिर जीवन भर छोड़ती नहीं. डॉ सीएन सिन्हा की मानें, तो युवाओं में होनेवाले डायबिटीज सबसे खतरनाक है.

इस बीमारी का जो सबसे बुरा पक्ष है यह है कि यह शरीर में अन्य कई बीमारियों को भी निमंत्रण देता है. मधुमेह रोगियों को आंखों में दिक्कत, किडनी और लीवर की बीमारी और पैरों में दिक्कत होना आम है.
मधुमेह कैसे होता है : शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन का पहुंचना कम हो जाता है, तो खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है. इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है. इंसुलिन एक हार्मोन है जो कि पाचन ग्रंथि द्वारा बनता है. महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक होता है. मधुमेह ज्यादातर वंशानुगत और जीवनशैली बिगड़ी होने के कारण होता है.
इसमें वंशानुगत को टाइप-1 और अनियमित जीवनशैली की वजह से होनेवाले मधुमेह को टाइप-2 श्रेणी में रखा जाता है. पहली श्रेणी के अंतर्गत वह लोग आते हैं जिनके परिवार में माता-पिता, दादा-दादी में से किसी को मधुमेह हो तो परिवार के सदस्यों को यह बीमारी होने की संभावना अधिक रहती है. इसके अलावा यदि आप शारीरिक श्रम कम करते हैं, नींद पूरी नहीं लेते, अनियमित खान-पान है और ज्यादातर फास्ट फूड और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है.
बड़ा खतरा
डायबिटीज के मरीजों में सबसे ज्यादा मौत हार्ट अटैक या स्ट्रोक से होती है. जो व्यक्ति डायबिटीज से ग्रस्त होते हैं उनमें हार्ट अटैक का खतरा आम व्यक्ति से 50 गुना ज्यादा बढ़ जाता है. शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने से हार्मोन बदलाव होता है और कोशिशएं क्षतिग्रस्त होती हैं जिससे खून की नलिकाएं और नसें दोनों प्रभावित होती हैं. इससे धमनी में रुकावट आ सकती है या हार्ट अटैक हो सकता है. स्ट्रोक का खतरा भी मधुमेह रोगी को बढ़ जाता है. डायबिटीज का लंबे समय तक इलाज न करने पर यह आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा भी हो सकता है.
खाने में इसे करें शामिल
डॉ टीपी सिंह की मानें, तो मधुमेह रोगियों के भोजन में करैला, मेथी, सहजन, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, ब्रौकोली, टमाटर, बंद गोभी और पत्तीदार सब्जियां होनी चाहिए, फलों में जामुन, नींबू, आंवला, टमाटर, पपीता, खरबूजा, कच्चा अमरूद, संतरा, मौसमी, जायफल, नाशपाती को शामिल करें. आम, केला, सेब, खजूर तथा अंगूर नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इनमें शूगर ज्यादा होता है. खाने में बादाम, लहसुन, प्याज, अंकुरित दालें, अंकुरित छिलके वाला चना, सत्तू और बाजरा आदि शामिल करें तथा आलू, चावल और मक्खन का बहुत कम उपयोग करें.
Prabhat Khabar Digital Desk
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