आक्रोश . मांगों को लेकर दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने धरना देकर किया विरोध
आरा : बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी संघों के संयुक्त संघर्ष मोरचा के द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर दिये गये दो दिवसीय धरना- प्रदर्शन के पहले दिन पूरे जिले में सरकारी कार्यालय लगभग पूरी तरह बंद रहे. कर्मचारियों ने कार्यालयों में एक तरफ जहां ताला जड़ दिया. वहीं दूसरी तरफ धरना- प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश सरकार का जम कर
विरोध जताया.
कर्मचारियों के सरकार विरोधी नारों से वातावरण गूंज रहा था. प्रशासनिक कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग का कार्यालय सहित सभी सरकारी कार्यालयों में पूरे दिन सन्नाटा छाया रहा. जगह- जगह कर्मियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया. कर्मियों ने सरकार से सातवें वेतन मांग का लाभ जनवरी, 2016 से लागू करने, संविदा कर्मियों का स्थायीकरण करने सहित कई मांग शामिल है. धरना- प्रदर्शन में रामेश्वर सिंह, मनोज कुमार श्रीवास्तव, सुधीर कुमार केसरी, उमेश कुमार सुमन, शशिकांत, मारुतिनंदन आदि थे.
कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन : पीरो. सातवे वेतन आयोग की सिफारिश जनवरी 2016 से लागू करने, सामान काम के लिए सामान वेतन तथा संविदा पर बहाल कर्मियों को सामान लाभ देने समेत कई अन्य मांगों को ले बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले दर्जनभर कर्मचारी संगठनों से जुड़े कर्मी गुरुवार से दो दिवसीय हड़ताल पर चले गये. गुरुवार को कर्मचारियों के हड़ताल के पहले दिन इसका व्यापक असर देखने को मिला. कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण अस्पताल, अनुमंडल व प्रखंड कार्यालय, सिचाई विभाग, कृषि विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, पीडब्लूडी, चकबंदी तथा सहकारिता समेत कई अन्य विभाग के कार्यालयों में गुरुवार को कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा. संगठन के स्थानीय इकाई की अध्यक्ष लेनी गुप्ता के नेतृत्व में प्रदर्शन में प्रतिमा कुमारी, शोभा कुमारी, उषा कुमारी, सुशीला कुमारी, सरोजा कुमारी, श्रद्धा कुमारी, अमिता कुमारी समेत दर्जनों एएनएम शामिल हुई. इसके अलावा भू राजस्व कर्मचारी संघ के नेता सुरेश प्रसाद के नेतृत्व में पीरो व तरारी के राजस्व कर्मियों ने गुरुवार को कामकाज ठप रखा.
