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bhagalpur news. कला सोचने-समझने व अनुभव करने की क्षमता विकसित करती है : जिलाधिकारी

Updated at : 06 Sep 2025 9:30 PM (IST)
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bhagalpur news. कला सोचने-समझने व अनुभव करने की क्षमता विकसित करती है : जिलाधिकारी

युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला का समापन.

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– कला, संस्कृति एवं युवा विभाग व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला का समापन यदि मनुष्य से उसका इमोशन्स हटा लिया जाये, तो वह मानव नहीं रह जाता है. मशीन की तरह हो जाता. उसी तरह यदि किसी मशीन में सोचने, समझने और अनुभव करने की क्षमता पल्लवित हो जाये तो वह मानव के समान बन जाता है और यह सोचने, समझने और अनुभव करने की क्षमता कला के विविध रूपों से विकसित होती है. उक्त बातें जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने शनिवार को भागलपुर संग्रहालय परिसर स्थित अंग सांस्कृतिक भवन में मुख्य अतिथि सह उद्घाटनकर्ता के रूप में कही. मौका था कला, संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार तथा जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला के समापन समारोह का. अतिथियों का स्वागत करते हुए जिला कला-संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने कहा कि इसके तहत एक माह तक महिला कलाकारों के लिए मंजूषा चित्रकला कार्यशाला, फोटोग्राफी कार्यशाला, मंच संचालन कार्यशाला तथा नाटक कार्यशाला का आयोजन आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र, भागलपुर में शृंखलाबद्ध तरीके से हुआ. कार्यशाला के समापन कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन, बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीवकांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया. अंकित रंजन ने कहा कि 150 से अधिक युवाओं ने प्रशिक्षण लिया. इसमें 11 वरिष्ठ कलाकार और प्रशिक्षकों ने सहभागी की. युवाओं को अपनी-अपनी कला शैली से अवगत कराया. नवोदित युवा ऐसे गुरुओं के संपर्क में आने से उत्साहित भी हो रहे हैं और रचनात्मक क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी ले रहे हैं. शिक्षाविद् राजीवकांत मिश्रा ने कहा कि जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय का यह प्रयास जिले भर के कलाकारों को एकसाथ जोड़ने, प्रतिभा प्रदर्शित करने और खुद को अपने-अपने कला क्षेत्र में और विकसित करने का मौका दे रहा है, जो सराहनीय प्रयास है. कला की गतिविधियों से युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. समापन समारोह के इस कार्यक्रम में विविध कार्यशालाओं के सहभागी प्रशिक्षुओं की कलात्मक अभिव्यक्ति भी विविध माध्यमों में प्रदर्शित की गयी. महिला कलाकारों द्वारा चित्रित मंजूषा कला तथा युवा फोटोग्राफर्स द्वारा कार्यशाला में खींचे गये फोटोग्राफ की प्रदर्शनी भी लगायी गयी. मंच संचालन कार्यशाला के सहभागियों ने समापन समारोह में मंच संचालन का कार्य किया और नाटक कार्यशाला के सहभागियों ने अपनी नाटक ‘चाय का हाता’ का मंचन भी किया. सभी प्रशिक्षकों को अंकित रंजन द्वारा प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया साथ ही 150 से अधिक सहभागियों को सफल सहभागिता के लिए प्रमाण पत्र भी दिया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KALI KINKER MISHRA

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By KALI KINKER MISHRA

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