9 दिन बाद शुरू होगा विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला, 98 किमी कांवरिया पथ पर युद्धस्तर पर तैयारियां, जानिए क्या-क्या बदलेगा

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विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला

Bhagalpur Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू होने में अब सिर्फ नौ दिन बचे हैं. सुलतानगंज से देवघर तक 98 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर तैयारियां कर रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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सुलतानगंज(भागलपुर) से रिपोर्ट

Bhagalpur Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू होने में अब सिर्फ नौ दिन बचे हैं और सुलतानगंज से देवघर तक 98 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ की तस्वीर तेजी से बदलने लगी है. उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. घाटों से लेकर कांवरिया पथ, पार्किंग, स्वास्थ्य शिविर, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्लान तक हर स्तर पर तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं.

इधर, सावन की शुरुआत से पहले ही कांवरियों का सुलतानगंज पहुंचना शुरू हो गया है. गंगा से जल भरने और बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करने का संकल्प लेने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है.

98 किलोमीटर कांवरिया पथ पर तेज हुई तैयारियां

सुलतानगंज से देवघर तक करीब 98 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर सड़क, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जिला प्रशासन ने सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया है.

अधिकारियों का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

होटलों का होगा सूचीकरण, प्रशासन की रहेगी निगरानी

श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर सुलतानगंज थाना परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में होटलों की व्यवस्था को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया.

सदर एसडीएम विकास कुमार ने बताया कि शहर के सभी होटल और लॉज का सूचीकरण किया जाएगा. होटल संचालकों को ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करनी होगी. साथ ही प्रशासनिक जरूरतों के लिए एक-दो कमरे सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए जाएंगे.

इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखना है.

मेला के लिए अलग ट्रैफिक प्लान और पार्किंग व्यवस्था

श्रावणी मेला के दौरान हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और हजारों वाहनों के कारण ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है. इसे देखते हुए प्रशासन इस बार विशेष रूट चार्ट जारी करेगा.

अलग-अलग पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया जा चुका है. अधिकारियों ने पार्किंग क्षमता, वाहन प्रवेश और निकास मार्ग, भीड़ प्रबंधन तथा आपातकालीन स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था का भी आकलन किया.

प्रशासन का दावा है कि इस बार पार्किंग और यातायात प्रबंधन पहले से अधिक व्यवस्थित रहेगा.

कई जिलों से आएगा अतिरिक्त पुलिस बल

विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र की सुरक्षा का विस्तृत आकलन पूरा कर लिया गया है. विभिन्न जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. पुलिसकर्मियों के ठहरने की व्यवस्था भी लगभग पूरी कर ली गई है.

इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस सहायता केंद्र, बैरिकेडिंग और लगातार निगरानी की व्यवस्था रहेगी.

डीएम की समीक्षा के बाद अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण

भागलपुर जिला प्रशासन की समीक्षा बैठक के बाद एडीएम, एसडीएम, पुलिस अधिकारियों और विभिन्न विभागों की टीम ने सोमवार को सुलतानगंज मेला क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान अजगैबीनाथ मंदिर, नमामि गंगे घाट, सीढ़ी घाट, कांवरिया पथ, पार्किंग स्थल, नियंत्रण कक्ष, स्वास्थ्य शिविर, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन का जायजा लिया गया.

जहां भी निर्माण कार्य अधूरा मिला, वहां अतिरिक्त संसाधन और मानवबल लगाकर तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए.

इन सुविधाओं पर प्रशासन का सबसे ज्यादा फोकस

इस बार प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रहा है. घाटों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. स्वास्थ्य शिविरों में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी. शुद्ध पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय और नियमित सफाई की व्यवस्था की जा रही है.

भीड़ नियंत्रण के लिए वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू करने की तैयारी है. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी. आपदा प्रबंधन और अग्निशमन संसाधनों को भी अलर्ट मोड में रखा जाएगा.

श्रद्धालुओं को मिलेगा पहले से बेहतर अनुभव

प्रशासन का कहना है कि इस बार सभी विभागों के समन्वय से श्रावणी मेले को पहले से अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है. तैयारियों की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है और प्रत्येक विभाग को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.

आने वाले दिनों में जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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