पहले मौसम की मार, अब फ्रूट फ्लाई का हमला, भागलपुर के बगीचों में 20% तक आम खराब

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पहले मौसम की मार, अब फ्रूट फ्लाई का हमला, भागलपुर के बगीचों में 20% तक आम खराब

Bhagalpur News : इस बार आम उत्पादकों के लिए मौसम और कीट दोनों बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं. पहले देर तक चली ठंड, फिर आंधी-बारिश और अब फ्रूट फ्लाई के बढ़ते प्रकोप ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है. कई इलाकों में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट

Bhagalpur News : इस वर्ष आम उत्पादकों के लिए खेती किसी परीक्षा से कम नहीं रही. अल्टरनेटिव सीजन के कारण पहले ही आम का उत्पादन पिछले साल की तुलना में कम था. इसके बाद मौसम की लगातार मार और अब फ्रूट फ्लाई यानी फल मक्खी के बढ़ते प्रकोप ने बागवानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. स्थिति यह है कि किसान आम को बचाने के लिए फ्रूट कैप और फेरोमैन ट्रैप का सहारा लेने को मजबूर हैं. बागवानों का दावा है कि फ्रूट फ्लाई के कारण 20 प्रतिशत से अधिक फलों का नुकसान हो रहा है.

सुल्तानगंज से कहलगांव तक बागवान परेशान

जिले के सुल्तानगंज, शाहकुंड, कहलगांव और नाथनगर क्षेत्रों से फ्रूट फ्लाई के प्रकोप की सबसे अधिक शिकायतें सामने आ रही हैं. शाहकुंड के बुजुर्ग बागवान मृगेंद्र सिंह बताते हैं कि इस बार लंबे समय तक ठंड रहने से आम में मंजर देर से आया. इसके बाद लगातार आंधी-बारिश ने टिकोला और फलों को भारी नुकसान पहुंचाया. अब फल मक्खी का हमला नई परेशानी बन गया है.नाथनगर के कजरैली निवासी प्रगतिशील किसान गुंजेश गुंजन कहते हैं कि लगातार खराब मौसम के कारण समय पर आम में कैप नहीं लगाया जा सका. हालांकि अब फेरोमैन ट्रैप लगाकर नुकसान को कम करने की कोशिश की जा रही है.

फल में छेद कर सड़ा रही है फ्रूट फ्लाई

कहलगांव के सिमरो गांव के किसान कृष्णानंद सिंह के अनुसार फ्रूट फ्लाई आम के फलों में छेद कर देती है या फल की सतह को नुकसान पहुंचाती है, जिससे फल काला पड़ जाता है और जल्दी सड़ने लगता है. उन्होंने बताया कि गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अब अधिकतर फलों में कैप लगाया जा रहा है ताकि बाजार में बेहतर कीमत मिल सके.वहीं “मैंगो मैन ” के नाम से प्रसिद्ध सुल्तानगंज के अशोक चौधरी ने कहा कि फ्रूट फ्लाई आम उत्पादकों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है. इसके कारण बड़ी संख्या में फल समय से पहले खराब हो रहे हैं.

पौधा संरक्षण विभाग ने दी जरूरी सलाह

पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक सुजीत पाल ने बताया कि विभाग की ओर से किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आंधी-बारिश के कारण कई किसान समय पर बचाव के उपाय नहीं कर सके, जिससे कीटों का प्रभाव बढ़ गया.उन्होंने बताया कि आम में मैंगो हॉपर, मीली बग, स्टेम बोरर और फ्रूट फ्लाई जैसे कीट लगते हैं. इनसे बचाव के लिए समय पर वैज्ञानिक प्रबंधन जरूरी है.

फेरोमैन ट्रैप सबसे प्रभावी उपाय

विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष अधिक नमी और लगातार बारिश के कारण फ्रूट फ्लाई का प्रकोप ज्यादा दिखाई दे रहा है. सहायक निदेशक सुजीत पाल ने किसानों को सलाह दी कि वे प्रति हेक्टेयर 15 से 20 फेरोमैन ट्रैप लगाएं. यह कीट नियंत्रण का सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीका माना जाता है.इसके अलावा बगीचों की नियमित सफाई, सड़े फलों को हटाकर मिट्टी में दबाना और गर्मी के दिनों में गहरी जुताई करना भी जरूरी है. इससे कीटों के प्यूपा नष्ट हो जाते हैं और संक्रमण का खतरा कम हो जाता है.

रासायनिक दवा से ज्यादा प्राकृतिक प्रबंधन पर जोर

विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर किसान डाईमेथोएट दवा का छिड़काव कर सकते हैं, लेकिन रासायनिक उपायों की तुलना में फेरोमैन ट्रैप और स्वच्छ बाग प्रबंधन अधिक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प हैं. यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो फ्रूट फ्लाई आम उत्पादकों को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है.

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Amit Kr Sinha

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By Amit Kr Sinha

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