ePaper

bhagalpur news. जो शील को पालते हैं वो दुख को टालते हैं: पंडित गुलाबचंद

Updated at : 06 Sep 2025 9:40 PM (IST)
विज्ञापन
bhagalpur news. जो शील को पालते हैं वो दुख को टालते हैं: पंडित गुलाबचंद

भगवान वासुपूज्य का हुआ महामस्तकाभिषेक.

विज्ञापन

श्री चंपापुर दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र, नाथनगर कबीरपुर में दशलक्षण महापर्व के समापन समारोह पर भगवान वासुपूज्य परिनिर्वाण महोत्सव का हुआ आयोजनदशलक्षण महापर्व आत्मिक उत्थान का पर्व है. ब्रह्म स्वरूप आत्मा में चर्या का नाम ब्रह्मचर्य है. अपने से बाहर न झांकने का नाम,ब्रह्मचर्य है. ब्रह्मचर्य कहो या सुख या आनंद, एक ही बात है. शीलवान मनुष्य,मनुष्य में देवता समान हैं. जो शील को पालते हैं, वें ही अपने दुःख को टालते हैं. ब्रह्मचर्य मजबूरी नहीं, जीवन में सबसे जरूरी है. वासना आत्मा की शत्रु है और ब्रह्मचर्य मित्र है. समाज में विषमता काफी बढ़ गयी है. इस बढ़ती विषमता भाव को दूर करने के लिए हमें दूसरों के प्रति उदार एवं सहनशील होना चाहिए.उक्त बातें सागर, मध्यप्रदेश से पधारे पंडित गुलाबचंद शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही. मौका था श्री चंपापुर दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र में दशलक्षण महापर्व के समापन समारोह का. महापर्व के अंतिम दिन भगवान वासुपूज्य निर्वाण महोत्सव सह उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पूरी आस्था निष्ठा एवं उल्लास के साथ मनाया गया.

21 फीट की भगवान वासुपूज्य की ऊंची खड़गासन प्रतिमा का 1008 कलश से हुआ मस्तकाभि

षेकसिद्धक्षेत्र अवस्थित जल मंदिर में भगवान वासुपूज्य की विशाल श्वेत पाषाण की 21 फीट ऊंची खड़गासन प्रतिमा का श्रद्धालुओं ने 1008 कलशों से मस्तकाभिषेक किया. इसके बाद श्रद्धालुओं ने पूरी निष्ठा एवं भक्तिभाव से भगवान वासुपूज्य के समक्ष निर्वाण लाडू अर्पित कर विश्व शांति की कामना की. केसरिया परिधानों में सजे श्रद्धालु भगवान वासुपूज्य की परिक्रमा एवं णमोकार मंत्र का जाप करते हुए फूले नहीं समा रहे थे. इस मौके पर भगवान वासुपूज्य का मस्तकाभिषेक स्वर्ण कलश से नवीन छाबड़ा ने, निर्वाण लाडू जल मन्दिर मे पीयूष रारा ने, तो विश्व शांति धारा अजय जैन ने किया. भगवान के अभिषेक जल से स्पर्षित लौंग की बनी माला जल मंदिर की निर्मल कुर्मावाला तथा मुख्य मंदिर की पदम् जैन को प्रदान की गयी. राजीव पाटनी व सज्जन विनायका ने भजन प्रस्तुत किया. इस मौके पर पदम पाटनी, जय कुमार काला, अशोक पाटनी, पवन गंगवाल, सुमित बड़जात्या, संजय विनायका, सुशील जैन, सुमेर पहाड़िया, डॉ निर्मल जैन, अजीत बड़जात्या, सरोज जैजानी, अजीत जैन, सुमित जैन, कमलेश पाटनी समेत विभिन्न प्रांतों के श्रद्धालु उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
KALI KINKER MISHRA

लेखक के बारे में

By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन