श्रावणी मेला से पहले आरओबी पर बड़े वाहनों के परिचालन पर ब्रेक, क्या सुरक्षित है देवघर का सबसे अहम रास्ता?

Author Shubhanka Kumar|Edited by System
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श्रावणी मेला से पहले आरओबी पर बड़े वाहनों के परिचालन पर ब्रेक, क्या सुरक्षित है देवघर का सबसे अहम रास्ता?

सुलतानगंज-देवघर मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज.

Sultanganj ROB Alert: रेलवे ओवरब्रिज पर कंपन और तकनीकी कमजोरी के बाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. अब सिर्फ हल्के वाहन ही ओवरब्रिज से पार कर सकेंगे.

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सुलतानगंज, भागलपुर से शुभंकर की रिपोर्ट

Sultanganj ROB Alert: श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सुलतानगंज-देवघर मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज को लेकर प्रशासन ने बड़ा और एहतियाती फैसला लिया है. रविवार से इस पुल पर भारी वाहनों और बसों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. पुल के दोनों ओर लोहे के बैरियर लगाकर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है, जबकि केवल हल्के वाहन ही इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे.

क्यों लगा अचानक प्रतिबंध, क्या है पुल की असली समस्या?

जानकारी के अनुसार रेलवे ओवरब्रिज के कुछ हिस्सों में तकनीकी कमजोरी सामने आई है. निरीक्षण के दौरान पुल पर असामान्य कंपन और वाइब्रेशन महसूस किया गया, जिसके बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने तत्काल भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया.

Sultanganj ROB Alert: विक्रमशिला पुल के बाद बढ़ी चिंता

बताया जा रहा है कि विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद संबंधित विभाग ने रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति का भी निरीक्षण किया था. जांच के दौरान सुरक्षा से जुड़े कई पहलू सामने आए, जिसके बाद विशेषज्ञों ने भारी वाहनों के दबाव को फिलहाल रोकने की सलाह दी.

17 साल पुराने पुल पर बढ़ा दबाव

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की योजना के तहत बने इस रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन 24 नवंबर 2009 को हुआ था. सुलतानगंज और देवघर के बीच यह सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है. वर्षों से लगातार ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों के दबाव के कारण अब पुल में बड़ी तकनीकी समस्या उभरकर सामने आई है.

अब होगी स्ट्रेंथ टेस्ट और तकनीकी जांच

पुल निर्माण निगम की टीम अगले एक-दो दिनों में विस्तृत तकनीकी जांच, स्ट्रेंथ टेस्ट और लोड क्षमता का परीक्षण शुरू करेगी. साथ ही जिन हिस्सों में कमजोरी पाई गई है, वहां मरम्मत का कार्य भी युद्धस्तर पर किया जाएगा. विभाग का कहना है कि तकनीकी जांच और मरम्मत पूरी होने के बाद ही भारी वाहनों की वापसी पर निर्णय लिया जाएगा.

वैकल्पिक मार्गों से भेजे जा रहे भारी वाहन

भारी वाहनों के परिचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए मुंगेर, बरियारपुर, घोरघट, तारापुर, असरगंज और अकबरनगर बाईपास सहित कई स्थानों पर वैकल्पिक मार्गों की सूचना देने वाले बोर्ड लगाए गए हैं. विभाग ने बसों और ट्रकों को दूसरे रूट से संचालित करने की व्यवस्था शुरू कर दी है.

श्रावणी मेला से पहले प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

स्थानीय लोगों का मानना है कि श्रावणी मेला के दौरान यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है. ऐसे में समय रहते पुल की मरम्मत पूरी करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी. युवा नगर जदयू अध्यक्ष ई. सुजीत समेत कई नागरिकों ने मांग की है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य पूरा कर भारी वाहनों का सुरक्षित परिचालन बहाल किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और व्यापारिक गतिविधियों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.

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