Bhagalpur news महेशी हादसे के 48 घंटे बाद दूसरे छात्र अंश ने तोड़ा दम

Updated:
विज्ञापन
Bhagalpur news महेशी हादसे के 48 घंटे बाद दूसरे छात्र अंश ने तोड़ा दम

आठ अप्रैल को भीषण सड़क हादसे में घायल 12 वर्षीय छात्र अंश कुमार की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी.

विज्ञापन

सुलतानगंज महेशी में तेज रफ्तार वाहनों का कहर जारी है. आठ अप्रैल को भीषण सड़क हादसे में घायल 12 वर्षीय छात्र अंश कुमार की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी. इससे पहले इसी हादसे में छात्रा करुणा कुमारी दम तोड़ चुकी थी. 48 घंटे में दो बच्चे की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. दूसरी मौत के बाद गांव में मातम व आक्रोश फूट पड़ा.

शव पहुंचते ही फूटा जनाक्रोश

पोस्टमार्टम के बाद अंश कुमार का शव गांव पहुंचते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गये. लोगों ने सुलतानगंज-भागलपुर मुख्य मार्ग एनएच-80 स्थित महेशी चौक पर शव रख कर सड़क जाम कर दिया. करीब एक घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. आठ अप्रैल को एक तेज रफ्तार कार ने दिव्यांश कुमार, अंश कुमार और करुणा कुमारी को जोरदार टक्कर मार दी थी. हादसे के बाद सभी घायलों को रेफरल अस्पताल से मायागंज, भागलपुर रेफर किया गया था. इलाज के दौरान पहले करुणा और अब अंश की मौत हो गयी.

दोषी की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग तेज

लगातार दूसरी मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा. लोगों ने दोषी चालक की अविलंब गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सड़क सुरक्षा के ठोस इंतजाम की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. सूचना मिलते ही थाना इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार और बीडीओ संजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस व अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया और तत्काल सहायता राशि के साथ उचित मुआवजा व सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद जाम समाप्त हुआ और आवागमन बहाल किया गया.

सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा व्यवस्था

दो मासूमों की मौत के बाद महेशी चौक की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में हादसों के बावजूद न तो स्पीड कंट्रोल के उपाय किये गये हैं. समय रहते ठोस कदम नहीं उठाये गये, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे. अविलंब इस ओर पहल की मांग की है.

गांव में पसरा मातम, दो घरों के बुझ गये चिराग

लगातार दो बच्चों की मौत से महेशी गांव में शोक है. हर आंख नम है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण होता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था.

विज्ञापन
Jitendra Tomar

लेखक के बारे में

By Jitendra Tomar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन