सुल्तानगंज पहुंचीं DM अलंकृता पांडेय, 10 दिन में तैयारी पूरी करने का अल्टीमेटम

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सुल्तानगंज पहुंचीं DM अलंकृता पांडेय, 10 दिन में तैयारी पूरी करने का अल्टीमेटम

Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों का जायजा लेने पहली बार सुल्तानगंज पहुंचीं डीएम अलंकृता पांडेय. घाट, मंदिर और कांवरिया पथ का निरीक्षण कर अधिकारियों को 10 दिन में सभी कार्य पूरे करने का निर्देश दिया.

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सुल्तानगंज(भागलपुर) से रिपोर्ट

Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और इसी के साथ प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. मंगलवार को पहली बार सुल्तानगंज पहुंचीं भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने करीब चार घंटे तक लगातार मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया. धूप और उमस के बीच उन्होंने घाट से लेकर मंदिर, कंट्रोल रूम, कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र तक हर व्यवस्था को खुद देखा. जहां कमी मिली, वहीं अधिकारियों को फटकार लगाई और साफ शब्दों में कहा कि अगले 10 दिनों में सारी तैयारियां पूरी हो जानी चाहिए. इस बार कांवरियों की सुरक्षा और सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.

श्रावणी मेला से पहले सुल्तानगंज में हाई अलर्ट, हर विभाग को मिला सख्त टारगेट

श्रावणी मेला 2026 को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है. मंगलवार को जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने सुल्तानगंज का पहला दौरा किया. उन्होंने नमामि गंगे घाट, अजगैबीनाथ मंदिर, सीढ़ी घाट, कृष्णगढ़ नियंत्रण कक्ष, कच्चा कांवरिया पथ और पूरे मेला क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान डीएम लगातार अधिकारियों से काम की प्रगति पूछती रहीं. जहां काम अधूरा मिला, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए. उन्होंने साफ कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले लाखों कांवरियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी विभाग की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी.

घाट पर फिसलन और सुरक्षा को लेकर दिए अहम निर्देश

नमामि गंगे घाट का निरीक्षण करते समय जिलाधिकारी ने सीढ़ियों के आसपास मजबूत सुरक्षा घेरा बनाने का निर्देश दिया. बरसात के मौसम में फिसलन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. इसे देखते हुए उन्होंने फिसलन रोकने के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा.

जर्मन हैंगर वाले इलाके में मिट्टी भरकर जमीन ऊंची करने और बेहतर जलनिकासी की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया. इसके साथ ही उद्घाटन मंच को बड़ा बनाने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के स्थल को व्यवस्थित करने के आदेश दिए गए.

बिजली विभाग की सुस्ती पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान बिजली विभाग की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में कहीं भी झूलते या नीचे लटके बिजली के तार नहीं रहने चाहिए.

उन्होंने पूरे मेला क्षेत्र की विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने और अनापत्ति प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया. प्रशासन का मानना है कि लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में बिजली से जुड़ी छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है.

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12 जुलाई तक तैयार होगा अजगैबीनाथ मंदिर का घाट

जल संसाधन विभाग को अजगैबीनाथ मंदिर के कच्चे घाट का समतलीकरण, बांस की बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था 12 जुलाई तक हर हाल में पूरी करने का अल्टीमेटम दिया गया.

वहीं पीएचईडी विभाग को मंदिर परिसर के पास पुरुषों और महिलाओं के लिए पांच-पांच आधुनिक शौचालय तैयार करने और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. हर साल बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सबसे अधिक परेशानी शौचालय और पेयजल की होती है. इस बार प्रशासन इन्हीं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दे रहा है.

इस बार ड्रोन शो, लेजर शो और शिव थीम बनेगी आकर्षण का केंद्र

डाक बंगला में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार पूरा नगर क्षेत्र भगवान शिव की थीम पर सजाया जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए लेजर शो, ड्रोन शो और राज्य व राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

प्रशासन की कोशिश है कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन न रहकर सांस्कृतिक पहचान का भी बड़ा केंद्र बने. इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और शहर की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है.

Shravani Mela 2026: जनप्रतिनिधियों ने भी दिए सुझाव

निरीक्षण और समीक्षा बैठक के दौरान विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल ने भी कांवरियों की सुविधाओं को लेकर कई सुझाव दिए. बैठक में एसएसपी प्रमोद कुमार यादव, सिटी एसपी, अपर समाहर्ता, एसडीएम, डीएसपी, बीडीओ, सीओ, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और थानाध्यक्ष समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.

अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अगले 10 दिनों के भीतर सभी तैयारियों को जमीन पर उतारने की है. क्योंकि श्रावणी मेला शुरू होते ही लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचेंगे और उनकी सुरक्षा, सुविधा तथा सुचारु व्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे प्रशासन पर होगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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