bhagalpur news. तीन साल बाद टीएमबीयू ने हटाये गये 58 कर्मियों की सेवा हुई बहाल

Published by : ATUL KUMAR Updated At : 08 Dec 2025 12:44 AM

विज्ञापन

चतुर्थ चरण में अंगीभूत हुए काॅलेजाें के जिन 58 कर्मियाें काे टीएमबीयू ने करीब तीन साल पहले हटा दिया था, उन्हें राहत मिल गयी है

विज्ञापन

चतुर्थ चरण में अंगीभूत हुए काॅलेजाें के जिन 58 कर्मियाें काे टीएमबीयू ने करीब तीन साल पहले हटा दिया था, उन्हें राहत मिल गयी है. विवि ने हटाये जाने वाले अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है. साथ ही हटाये जाने वाले तिथि से ही 58 कर्मियों की सेवा बहाल कर दी है. इसमें सबौर कॉलेज के 46, एमएएम कॉलेज नवगछिया के दाे व टीएनबी लॉ कॉलेज के 10 कर्मी शामिल हैं. हालांकि, इसमें से अधिक लोगों सेवानिवृत्त हो चुके हैं. इस बाबत रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे ने रविवार को अधिसूचना जारी की है. अधिसूचना में कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद विवि स्तर से मामले में हाई लेवल जांच कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच की गयी थी. कमेटी के रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2023 में विवि से 58 कर्मियों को हटाने के मामले को वापस लिया गया है. ऐसे में 58 कर्मियों में जो सेवानिवृत्त हो चुके है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा. दूसरी तरफ कर्मियों ने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है. झूठा मामला बनाकर उनलोगों को नौकरी से हटाने का काम किया था. उधर, विवि के पूर्व डीएसडब्ल्यू प्रो राम प्रवेश सिंह ने कहा कि विवि प्रशासन के निर्णय से काफी खुशी है. इसके लिए विवि प्रशासन व उनके अधिकारियों को बधाई दी है. क्या था मामला टीएमबीयू से 58 कर्मियों को हटाये जाने पर कुछ कर्मी काेर्ट गये थे. काेर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया. ऐसे में विवि के कुछ लाेगाें ने पूर्व कुलपति प्राे जवाहर लाल काे ऐसे सभी कर्मियाें के मामलाें की समीक्षा करने का सुझाव दिया था. इसलिए विवि ने समीक्षा करने के लिए कमेटी का गठन किया है. बताया गया कि विवि ने जनवरी 2023 में उन कर्मियाें काे यह कहकर हटा दिया था कि उनकी सेवा नियमाें के तहत नहीं है. तत्कालीन रजिस्ट्रार डाॅ निरंजन कुमार यादव ने तब कहा था कि सेवा से हटाने का निर्देश शिक्षा विभाग ने दिया था. इसका पालन किया गया है. इसके बाद कुछ शिक्षकाें व कर्मचारियाें ने मामले में हाईकाेर्ट में चुनाैती दी थी. काेर्ट ने कर्मियाें के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन सरकार सुप्रीम काेर्ट चली गयी. सुप्रीम काेर्ट ने हाईकाेर्ट के आदेश पर राेक लगा दी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ATUL KUMAR

लेखक के बारे में

By ATUL KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन