ePaper

भागलपुर शहर में खौफनाक नाला, जिसमें जो भी फंसा जिंदा नहीं बचा

Updated at : 15 Apr 2025 3:26 PM (IST)
विज्ञापन
भागलपुर का खतरनाक नाला

भागलपुर का खतरनाक नाला

Bhagalpur News: भागलपुर शहर में खौफनाक नाला है. इस नाले में जब भी कोई व्यक्ति फंस जाता है, वह कभी भी जिंदा वापस नहीं रह पाता है. इसके साथ ही सखीचंद घाट के पास का और नाला अत्यधिक खतरनाक है.

विज्ञापन

संजीव कुमार/ Bhagalpur News: इशाकचक थाना क्षेत्र के बुढ़िया काली स्थान के समीप नाला में डूबने से रविवार को चाय दुकानदार गोपाल चौधरी (62) की मौत हो गयी थी. यह भागलपुर शहर की कोई नयी घटना नहीं है. यहां के नालों में गिर कर घायल होने की घटनाएं तो होती रही हैं. कई की मौत भी हो चुकी है. जुलाई 2013 की घटना है, जब मानसून की पहली झमाझम बारिश भागलपुर के लिए शोक लेकर आयी थी. आदमपुर स्थित सीएमएस हाइस्कूल के सामने मुख्य सड़क के किनारे स्थित बड़े नाले में एक युवक अमन शर्मा पानी की तेज धार में मोटरसाइकिल सहित बह गया था. उसे बचाने के लिए कुछ लोग दौड़े, लेकिन तब तक मोटरसाइकिल व उस पर सवार युवक नाले में जा चुका था. दूसरे दिन उसका शव माणिक सरकार घाट के पास मिला था. ऐसे कई खौफनाक नालों ने कई लोगों को अपाहिज बनाया है, तो मौत के भी घाट उतारा है. लेकिन नगर निगम के बजट में ऐसे नालों से लोगों को सुरक्षित करने के इंतजाम नहीं दिखते हैं.

ये हाल हैं खतरनाक नालों के

आकाशवाणी चौक के समीप डॉ वीणा सिन्हा की गली में पैदल चलने या वाहन से चलने में एक छोटी सी गलती अप्रिय घटना घटित कर सकती है. खरमनचक रोड से निकलने वाले आरके लेन की स्थिति भी ऐसी ही है. तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट से गंगा घाट तक नाले को देख कर ही डर लगता है. बरारी पुल घाट पर हथिया नाला काफी खतरनाक है. इसकी दोनों तरफ दुकानें हैं. यहां विशेष अवसरों पर भीड़ होती है, तो आम दिनों में भी काफी संख्या में लोगों का आवागमन होता है. आदमपुर घाट के समीप काली गति लेन में तो लोग अपने घर जाने के लिए चचरियां बना कर रखे हैं. यहां कब घटना हो जाये, कहा नहीं जा सकता. सखीचंद घाट के पास का नाला भी अत्यधिक खतरनाक है.

बारिश के दिनों में होता है अधिक खतरनाक

बारिश के दिनों में भागलपुर शहर के बड़े नाले अधिक खतरनाक हो जाते हैं. बारिश के दौरान इन नालों में पानी का करंट इतना तेज होता है कि इसमें कोई फंस जाये, तो वह गंगा में पहुंचने से पहले रुक नहीं सकता है. इन नालों के दोनों ओर लोहे की रेलिंग नहीं दी गयी या फिर इसे ढका नहीं गया, तो घटनाएं रोक पाना संभव नहीं है.

खतरनाक नाले

  • आकाशवाणी चौक के समीप डॉ वीणा सिन्हा गली
  • खरमनचक रोड पर आरके लेन
  • टीएमबीयू परिसर में मुख्य गेट से गंगा किनारे तक
  • पुल घाट पर पहुंचने वाला नाला
  • आदमपुर घाट स्थित कालीगति लेन
  • सखीचंद घाट के समीप

Also Read: भागलपुर से तीर्थ यात्रा अब होगी सुलभ, खाटू धाम-अयोध्या-मथुरा और कामाख्या दर्शन के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन