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Bhagalpur news योगदान से पहले दो साल अवकाश की मांग, नहीं किया स्कूल में योगदान

Updated at : 05 Dec 2025 12:54 AM (IST)
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Bhagalpur news योगदान से पहले दो साल अवकाश की मांग, नहीं किया स्कूल में योगदान

बीपीएससी टायर-III से चयनित एक शिक्षिका के योगदान नहीं करने से स्कूल के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. नियुक्ति के छह माह बाद भी शिक्षिका कक्षा में नहीं पहुंची है, जिससे बच्चों में निराशा है.

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बीपीएससी टायर-III से चयनित एक शिक्षिका के योगदान नहीं करने से स्कूल के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. नियुक्ति के छह माह बाद भी शिक्षिका कक्षा में नहीं पहुंची है, जिससे बच्चों में निराशा है. बच्चों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि नयी मैडम आकर साइंस पढ़ाएंगी, लेकिन अब तक पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है. प्रधानाध्यापक ने बीईओ को आवेदन देकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है. आवेदन के अनुसार चयनित शिक्षिका ने 26 मई को नियुक्ति के बाद विद्यालय में योगदान किया, लेकिन अगले ही दिन 27 मई से मातृत्व अवकाश पर चली गयी. उनका मातृत्व अवकाश 22 नवंबर 2025 को पूरा हुआ था. प्रधानाध्यापक ने बताया कि शिक्षिका 24 नवंबर को अपराह्न विद्यालय पहुंचीं, लेकिन योगदान करने से पहले उन्होंने दो साल का शिशु देखभाल अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) देने की शर्त रख दी. विद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि नियम के अनुसार पहले योगदान कर अवकाश का आवेदन देना आवश्यक है, जिसे आगे उच्च अधिकारियों को भेजा जायेगा. शिक्षिका ने योगदान से इनकार कर विद्यालय से चली गयी. विद्यालय प्रशासन का कहना है कि शिक्षिका साइंस-मैथमेटिक्स विषय के लिए चयनित हैं. पिछले छह माह से बिना पढ़ाये मातृत्व अवकाश का वेतन मिलता रहा और अब बिना योगदान किये दो साल के अवकाश का भी लाभ लेने की कोशिश कर रही हैं, जिससे छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. बीईओ ने बताया कि शिक्षिका को नियमों की जानकारी दे दी गयी है. योगदान दिये बिना अवकाश संभव नहीं है. विद्यालय प्रधान को दिया गया आवेदन प्राप्त हो चुका है. मामले की रिपोर्ट उच्च पदाधिकारियों को भेजी जायेगी और नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. छात्र तथा अभिभावक दोनों चिंतित हैं कि विज्ञान विषय की पढ़ाई कब शुरू होगी. विद्यालय प्रशासन ने जल्द समाधान की उम्मीद जतायी है. विद्यार्थियों को उम्मीद थी कि मातृत्व अवकाश पूरा होने के बाद अब नियमित रूप से पढ़ाई शुरू होगी, लेकिन शिक्षिका के योगदान से पूर्व दो वर्ष के शिशु देखभाल अवकाश की मांग करने से समस्या और बढ़ गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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JITENDRA TOMAR

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By JITENDRA TOMAR

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