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दुर्गा पूजा में होती है मां काली की पूजा

Updated at : 09 Oct 2024 11:43 PM (IST)
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दुर्गा पूजा में होती है मां काली की पूजा

दुर्गा पूजा में मां काली की प्रतिमा बैठा पूजा की जाती है. सुलतानगंज में मां काली रक्षा काली के नाम से जानी जाती है

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दुर्गा पूजा में मां काली की प्रतिमा बैठा पूजा की जाती है. सुलतानगंज में मां काली रक्षा काली के नाम से जानी जाती है. कासिमपुर में शारदीय नवरात्र में मां काली की प्रतिमा स्थापित होती है. विसर्जन समिति के सदस्य ने बताया कि हिंदू-मुस्लिम आपसी भाईचारा का मिसाल प्रस्तुत कर मां काली के विसर्जन जुलूस में सहयोग करते हैं. दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही रक्षा काली की प्रतिमा का विसर्जन होता है. बुजुर्ग बताते है कि श्रीमद भागवत कथा के दौरान कलश विसर्जन में रास्ता को लेकर विवाद हुआ. वर्ष 1955 से मां काली की प्रतिमा बैठायी गयी, जो क्षेत्र के लोगों की रक्षा करती है. ग्रामीण नीरज पासवान ने बताया कि आपसी सौहार्द का अद्भुत मिसाल पेश होता है. मुस्लिम भाई शोभायात्रा में सहयोग देते है. दूर-दूर से भक्त मनोकामना पूरी होने पर चढ़ावा चढ़ाने आते हैं. यहां मां को बलि दी जाती है. मंगलवार व शनिवार को भक्तों की भीड़ जुटती है. सच्चे मन से मां काली से मांगी मुराद अवश्य पूरी होती है.

बेदी पर स्थापित हुई मां दुर्गा, दर्शन को उमड़ी भीड़

दुर्गा पूजा को लेकर जगदीशपुर क्षेत्र में माहौल भक्तिमय हो गया है. बुधवार को जगदीशपुर, तगेपुर व फुलवरिया स्थित दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा बेदी पर स्थापित कर दी गयी और मां के दर्शन के लिए पट खोल दिये गये. पट खुलते हीं मां के दर्शन करने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. तीन जगहों पर मेले का माहौल बन गया है. दुर्गा पूजा को लेकर लोगों में काफी उत्साह है.

मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर निकाली गयी भव्य कलश शोभायात्रा

अमडंडा थाना क्षेत्र के मदरगंज गांव में पुराने काली मंदिर से नवनिर्मित काली मंदिर में प्रतिमा स्थापित व प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बुधवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गयी. डीजे, ढोल, गाजे बाजे के साथ कलश शोभायात्रा मंदिर परिसर से निकाली गयी, जो उत्तरवाहिनी गंगा के त्रिमुहान घाट पर पहुंच जल भरकर वापस पैदल मंदिर परिसर में पहुंची. शोभा यात्रा में हजारों महिलाएं व युवतियां शामिल थी. भीषण गर्मी को देखते हुए एकचारी मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद मंडल ने पंचायत क्षेत्र के दो जगह पर शरबत और जल की व्यवस्था की थी. यजमान कमलेश साह और पत्नी पूजा आर्या हैं. पंडित विजय झा के नेतृत्व में जयप्रकाश झा और रामकृष्ण झा व पंडितों की टीमों के वैदिक मंत्रोच्चार से पूजन शुरू किया गया. मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मनोज साह और श्रवण कुमार कुशवाहा ने बताया कि गुरुवार को प्राण प्रतिष्ठा किया जायेगा. अपराह्न 3:00 बजे के बाद अखंड संकीर्तन शुरू होगा. शुक्रवार को कार्यक्रम का समापन होगा. समापन पर भंडारा का आयोजन किया जायेगा. कलश शोभायात्रा में भारी भीड़ को देखते हुए अमडंडा थाना और रसलपुर थाना की पुलिस विधि व्यवस्था को लेकर साथ चल रही थी.

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