ePaper

bhagalpur news.बंगाली बहुल क्षेत्रों में पारंपरिक तरीके से हुई माता लक्खी की पूजा

Updated at : 06 Oct 2025 10:54 PM (IST)
विज्ञापन
bhagalpur news.बंगाली बहुल क्षेत्रों में पारंपरिक तरीके से हुई माता लक्खी की पूजा

सिल्क सिटी अंतर्गत बंगाली समाज बहुल क्षेत्र चंपानगर बंगाली टोला, मसाकचक, खरमनचक, मुंदीचक, मानिक सरकार घाट रोड, बड़ी खंजरपुर आदि में शरद पूर्णिमा पर सोमवार को पारंपरिक तरीके से माता लक्खी की पूजा हुई.

विज्ञापन

सिल्क सिटी अंतर्गत बंगाली समाज बहुल क्षेत्र चंपानगर बंगाली टोला, मसाकचक, खरमनचक, मुंदीचक, मानिक सरकार घाट रोड, बड़ी खंजरपुर आदि में शरद पूर्णिमा पर सोमवार को पारंपरिक तरीके से माता लक्खी की पूजा हुई. कहीं विधि-विधान से प्रतिमा स्थापित कर पूजा हुई, तो कहीं सत्यनारायण भगवान का पाठ किया गया. माता लक्खी के साथ हुई धन के देवता कुबेर की पूजा और मना दीपोत्सव श्रद्धालुओं ने माता लक्खी से धन व ऐश्वर्य प्राप्ति की कामना की. पूजन में माता लक्खी को धान का लावा, नारियल का लड्डू, तिल का लड्डू, ताड़ फल का सॉस, चूड़ा-दही, खीर-पूड़ी, हलुआ आदि का भोग लगाया गया. दुर्गा बाड़ी में कोजागरी लक्खी मां की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की गयी. इसके बाद धन देवता कुबेर की पूजा हुई. मंदिर प्रांगण के चारों तरफ दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया गया. दुर्गाबाड़ी व कालीबाड़ी में प्रतिमा स्थापित, हुआ भगवान सत्यनारायण का पाठ मशाकचक दुर्गाबाड़ी पूजा कमेटी के अध्यक्ष डॉ शांतनु घोष, सचिव सुजय सर्वाधिकारी, संयुक्त सचिव निरूपम कांति पाल, गौतम बनर्जी, संजय घोष, उत्तम देवनाथ, बॉबी देवनाथ, नमिता पाल आदि का योगदान रहा. मानिक सरकार लेन स्थित कालीबाड़ी में लक्खी पूजा के साथ भगवान सत्यनारायण का पाठ हुआ. पूजन में अध्यक्ष डॉ सुजाता शर्मा, महासचिव विलास बागची, तापस घोष, रजत मुखर्जी, बाबू मुखर्जी, परिमल कांसोबनिक आदि का योगदान रहा. महिलाओं ने किया उपवास, तो श्रद्धालुओं ने की बर्तन व आभूषण की खरीदारी महिला श्रद्धालुओं ने उपवास किया, तो परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने बर्तन व आभूषणों की खरीदारी की. बंगाली बहुल क्षेत्र में घर-घर माता लक्खी की पूजा हुई. बरारी काजीपाड़ा कॉलोनी में अशोक सरकार व सिन्हाबाड़ी में तरुण घोष के संचालन में लक्खी पूजा हुई. इधर मारवाड़ी पाठशाला परिसर में जुबक संघ की ओर से मारवाड़ी पाठशाला परिसर में देर संध्या लक्खी पूजा हुई. कार्यक्रम में सचिव बबन साहा, विभू घोष आदि का योगदान रहा. महाशय ड्योढी में डॉ दीपछंदा घोष, पूर्व पार्षद काकुली बनर्जी, देवाशीष बनर्जी आदि ने बांग्ला विधि-विधान से मां लक्खी की पूजा की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
NISHI RANJAN THAKUR

लेखक के बारे में

By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन