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Bhagalpur News. आचार संहिता लागू होने से कई विकास योजनाएं अटकी

Updated at : 06 Oct 2025 10:18 PM (IST)
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Bhagalpur News. आचार संहिता लागू होने से कई विकास योजनाएं अटकी

आचार संहिता लागू होने से कई विकास योजनाएं अटकी.

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विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद शहर में नयी योजनाओं की घोषणा या टेंडर जारी करने पर रोक लग गयी है. यही नहीं, जिन योजनाओं के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गयी है और कार्य एजेंसी चयनित कर ली गयी है और काम शुरू नहीं हुआ तो वह लंबित हो जायेगी. इसमें निगम क्षेत्र में सड़कों के निर्माण, तालाबों के जीर्णोद्धार सहित नयी स्ट्रीट लाइट्स लगाने जैसी कई योजनाएं शामिल हैं. आचार संहिता के दौरान नयी स्वीकृतियां नहीं दी जा सकती. निगम प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे केवल पूर्व स्वीकृत चल रहे कार्यों पर ही खर्च करें. वहीं, कुछ वार्ड पार्षदों ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक नयी पहल रुकी रहेगी, जिससे लोगों की अपेक्षित विकास योजनाओं को अस्थायी ठहराव का सामना करना पड़ेगा.

सार्वजनिक शौचालय के साथ यूरिनल निर्माण का काम अटका

हर तीन वार्ड पर सामुदायिक शौचालय निर्माण पर निगम को 42 लाख रुपये खर्च करना है. 51 वार्डों के लिए यह राशि 7 करोड़ 14 लाख रुपये तक खर्च होनी है. इसके अलावा वार्ड एक से 25 और 26 से 51 तक पांच सीटर यूरिनल बनाये जाने हैं, जिस पर 94 लाख 40 हजार रुपये खर्च होना. इस तरह शौचालय और यूरिनल निर्माण पर नगर निगम की कुल लागत 8 करोड़ 84 लाख रुपये आनी है लेकिन, अभी अब यह काम नहीं होगा. दरअसल, टेंडर खोलने की अवधि 16 अक्तूबर निर्धारित है और इससे पहले आचार संहित लागू हो गयी है.

5068 नये बिजली पोल पर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना अटकी

शहर में सभी 51 वार्ड के विस्तारित एरिया में 5068 बिजली खंभे पर स्ट्रीट लाइट्स लगना है लेकिन, अब यह योजना आचार संहिता के चलते अटक गयी है. दरअसल, यह योजना टेंडर के पेच में फंसी है इस कारण से अबतक एजेंसी बहाल नहीं हो सकी है. निगम ने 5 करोड़ 21 लाख खर्च करने का प्रावधान किया था. हालांकि, खराब स्ट्रीट लाइट्स को मरम्मत कर चालू करने का काम होता रहेगा.

ट्रैफिक सुधार से लेकर धरोहर संरक्षण तक की पहल पर लगा विराम

शहरी विकास एवं आवास विभाग (यूडीएचडी) ने शहर के पुनरुद्धार की योजना बनायी है, जिसमें ट्रैफिक सुधार से लेकर धरोहर संरक्षण तक शामिल है. इस योजना पर अब विराम लगा गया है. दरअसल, कंसल्टेंट एजेंसी चुने जाने के बाद भागलपुर शहर का सर्वे होना था. आठ अक्तूबर को निविदा खोलने की तिथि निर्धारित थी.

डीआरसीसी बिल्डिंग में 22.76 लाख से अब नहीं होगा बिजली का वायरिंग कार्य

डीआरसीसी बिल्डिंग में इलेक्ट्रिक वर्क और इलेक्ट्रॉनिक इंस्टॉलेशन कार्य होना है. यह कार्य भवन निर्माण विभाग का विद्युत कार्य प्रमंडल, भागलपुर को कराना है. इस पर 22 लाख 76 हजार 987 रुपये खर्च होंगे. 60 दिनों में होने वाले इस कार्य के लिए कार्य एजेंसी को बहाल नहीं हो सकी. 20 अक्तूबर को निविदा खोलकर एजेंसी बहाल की जानी थी लेकिन, यह भी अब रुक गया है.

ये काम भी अटके

1. आधुनिक बस टर्मिनल सह डिपो.

2. 2 करोड़ 32 लाख 45 हजार रुपये से टीएनबी कॉलेजिएट मैदान में पार्क.3. दो आधुनिक मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स.

4. 1.62 करोड़ रुपये से हाउसिंग बोर्ड परिसर में तीन स्थानों पर पार्क निर्माण.5. 30 करोड़ की राशि से निगम का कार्यालय भवन का निर्माण.

6. 01 करोड़ 18 लाख से सिकंदरपुर से मिरजानहाट दुर्गा स्थान तक सड़क और नाले का निर्माण.7. 5.14 करोड़ रुपये से शीतला स्थान चौक से अलीगंज वाया मिरजानहाट बागबाड़ी सड़क का निर्माण.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KALI KINKER MISHRA

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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