फिर रफ्तार पकड़ने लगी सुलतानगंज-अगुवानी गंगा फोरलेन पुल परियोजना

Author Shubhanka Kumar|Edited by Ajeet Kumar
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गंगा के बीच धारा में फिर गूंजने लगी मशीनों की आवाज

गंगा के बीच धारा में फिर गूंजने लगी मशीनों की आवाज | Prabhat Khabar Network

लंबे इंतजार के बाद, सुलतानगंज-अगुवानी गंगा फोरलेन पुल परियोजना में एक बार फिर तेजी आई है. करीब 11 वर्षों के विलंब के बाद, अब गंगा की बीच धारा में निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. स्थानीय लोगों को जल्द ही पुल शुरू होने की उम्मीद है.

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लंबे इंतजार के बाद सुलतानगंज-अगुवानी गंगा फोरलेन पुल परियोजना में एक बार फिर तेजी दिखाई देने लगी है. करीब 11 वर्षों से तकनीकी अड़चनों और कई हादसों के कारण प्रभावित रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अब गंगा की बीच धारा में निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पाया संख्या-10 के फाउंडेशन की कंक्रीट ढलाई शुरू कर दी गई.

परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर सिंह ने बताया कि 13 जून को पाया संख्या-11 के फाउंडेशन की ढलाई पूरी होने के बाद अब पाया संख्या-10 पर निर्माण शुरू किया गया है. वेलकैप कटिंग के बाद सरिया बांधकर फाउंडेशन तैयार किया गया है और इसकी मजबूती सुनिश्चित करने के लिए लगातार 30 घंटे तक कंक्रीट ढलाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि फाउंडेशन पूरा होने के बाद पिलर निर्माण शुरू होगा और करीब 40 से 45 दिनों में पाया संख्या-10 तैयार कर लिया जाएगा.

उन्होंने बताया कि परियोजना के अन्य हिस्सों पर भी तेजी से काम चल रहा है. पाया संख्या-12 पर वेलकैप कटिंग अंतिम चरण में है. इसके बाद सरिया बांधने और फाउंडेशन की ढलाई शुरू होगी. एजेंसी का लक्ष्य अगले 15 दिनों के भीतर यहां भी कंक्रीट ढलाई शुरू करने का है.

जलस्तर बढ़ने से पहले अधिकतम काम पूरा करने की चुनौती

गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में नदी की बीच धारा में निर्माण कार्य के लिए सीमित समय उपलब्ध है. इसी को देखते हुए निर्माण एजेंसी ने मशीनों और श्रमिकों की संख्या बढ़ा दी है. दिन-रात काम कर जुलाई के अंत तक अधिक से अधिक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. अधिकारियों का मानना है कि जलस्तर बढ़ने के बाद बीच धारा में निर्माण कार्य अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकता है.

हादसों के बाद गुणवत्ता पर विशेष फोकस

वर्ष 2015 में इस परियोजना का शिलान्यास हुआ था, लेकिन इसके बाद तीन बड़े हादसों और कई तकनीकी चुनौतियों के कारण निर्माण कार्य बार-बार बाधित होता रहा. इससे परियोजना वर्षों पीछे चली गई. अब निर्माण एजेंसी का कहना है कि आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुरूप गुणवत्ता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. प्रत्येक चरण की तकनीकी निगरानी की जा रही है ताकि भविष्य में किसी तरह की समस्या न आए.

सीमांचल और पूर्वी बिहार को मिलेगा सीधा लाभ

करीब 1,710.77 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने पर उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा फोरलेन संपर्क स्थापित होगा. इससे भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर, बेगूसराय तथा कोसी-सीमांचल के लाखों लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी. यात्रा का समय कम होगा, व्यापार और उद्योग को नई गति मिलेगी तथा पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. प्रस्तावित डॉल्फिन पर्यटन परियोजना और गंगा तट के विकास को भी इससे नई पहचान मिलने की उम्मीद है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से जिस पुल के पूरा होने का इंतजार किया जा रहा है, अब उसमें तेजी दिखने लगी है. यदि निर्माण की वर्तमान रफ्तार बनी रही तो लंबे इंतजार के बाद जल्द ही सुलतानगंज-अगुवानी गंगा फोरलेन पुल आम लोगों के सपनों को साकार करता नजर आएगा.

प्रमुख तथ्य

  • परियोजना: सुलतानगंज–अगुवानी गंगा फोरलेन पुल
  • निर्माण एजेंसी: एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी
  • कुल लागत: लगभग 1,710.77 करोड़ रुपये
  • वर्तमान स्थिति: क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण, पाया संख्या-10 की ढलाई शुरू
  • निर्माण प्रभावित होने की प्रमुख घटनाएं: 30 अप्रैल 2022, 5 जून 2023 और 17 अगस्त 2024 को हुई घटनाओं के कारण कार्य में विलंब हुआ.


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