बिहार में प्रेम की अमर कहानी: पत्नी की मौत की खबर सुनते ही पति ने भी तोड़ा दम, एक साथ उठी दोनों की अर्थी

सांकेतिक तस्वीर
Bihar News: भागलपुर के केयली खुटाहा बथानी चौक से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां 80 वर्षीय चंदन यादव ने अपनी पत्नी रामबतिया देवी की मौत की खबर सुनते ही दम तोड़ दिया. इस जोड़े ने साथ जीने और साथ मरने की कसमें सच साबित कर समाज के सामने प्रेम और समर्पण की मिसाल पेश की है.
Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले के केयली खुटाहा बथानी चौक से एक ऐसी मार्मिक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. यह कहानी है 80 वर्षीय चंदन यादव और उनकी पत्नी रामबतिया देवी की, जिन्होंने ‘सात जन्मों तक साथ निभाने’ की कसमें केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखीं, बल्कि उसे सच कर दिखाया.
गुरुवार की सुबह जब चंदन यादव किसी कार्यवश बाहर से घर लौटे, तो उन्हें बताया गया कि उनकी जीवन संगिनी रामबतिया देवी का निधन हो गया है. यह खबर सुनते ही जैसे उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई. वे बुरी तरह कांपने लगे और अचानक ज़मीन पर गिर पड़े. परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उन्होंने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
साथ जीना और साथ मरने का मिसाल बना यह जोड़ा
एक साथ जीवन की शुरुआत और एक साथ विदाई, चंदन और रामबतिया देवी का रिश्ता आज के समाज में एक प्रेरणास्रोत बन गया है. जब रिश्ते आजकल स्वार्थ, विवाद और टूटने की कगार पर होते हैं, ऐसे में इस जोड़े का साथ जीना और साथ मरना एक मिसाल बन गया है.
उनकी अंतिम यात्रा भी उतनी ही भावुक रही. दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं, और पूरा गांव सन्नाटे में डूब गया. लोग यह दृश्य देखकर द्रवित हो उठे और यही कहने लगे कि यह प्रेम कहानियों में पढ़ा जाने वाला प्रेम, असल जिंदगी में पहली बार देखा.
परिवार भी है प्रेरणा का प्रतीक
चंदन यादव के तीन बेटे हैं- अनिल यादव, जो मोतिहारी में सब-इंस्पेक्टर हैं. विकास यादव, जो कृषि कार्य से जुड़े हैं और डब्लू यादव, जो गया में एएसआई पद पर कार्यरत हैं. उनके पोते कोमल यादव पंजाब में एसपी के पद पर तैनात हैं. यह परिवार न सिर्फ सामाजिक रूप से सशक्त है, बल्कि चंदन यादव की दी हुई सीख और मूल्यों का सजीव उदाहरण भी है. यह घटना सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि एक गहरी मानवीय भावना और संबंधों की शक्ति को दर्शाती है कि सच्चा प्यार समय, उम्र और हालात से परे होता है.
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By Abhinandan Pandey
भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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