भागलपुर में 20 डॉक्टर वर्षों से ‘गायब’, विभाग नहीं लगा सका पता, मरीजों पर बढ़ा इलाज का संकट

Health Crisis: सरकारी रिकॉर्ड में तैनात हैं डॉक्टर, लेकिन अस्पतालों से वर्षों से गायब. नई नियुक्तियां भी अटकीं, अब मरीज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों मुश्किल में.
भगलपुर से अतुल तिवारी की रिपोर्ट
Health Crisis: भागलपुर जिले की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में पदस्थापित 20 चिकित्सक वर्षों से ड्यूटी से अनुपस्थित हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग आज तक उनका पता नहीं लगा सका है. सबसे बड़ी बात यह है कि इन चिकित्सकों के पद अब भी रिक्त घोषित नहीं किए गए हैं. इसका सीधा असर अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है. डॉक्टरों की कमी के कारण जहां कार्यरत चिकित्सकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है, वहीं मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है.
रिकॉर्ड में डॉक्टर मौजूद, अस्पतालों में कुर्सियां खाली
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में सभी चिकित्सक अब भी पदस्थापित हैं, लेकिन कई वर्षों से उन्होंने अस्पतालों में ड्यूटी नहीं की है. विभाग के पास यह स्पष्ट जानकारी भी नहीं है कि ये चिकित्सक वर्तमान में कहां कार्यरत हैं या किस स्थिति में हैं. इससे सरकारी व्यवस्था की निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
नयी बहाली पर भी लगा ब्रेक
इन चिकित्सकों ने न तो औपचारिक रूप से इस्तीफा दिया है और न ही उनकी सेवा समाप्त की गई है. यही कारण है कि उनके पद खाली नहीं माने जा रहे हैं. परिणामस्वरूप उन पदों पर नए डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है. पहले से डॉक्टरों की कमी झेल रहे सरकारी अस्पतालों में यह स्थिति मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है.
कार्यरत डॉक्टरों पर बढ़ा अतिरिक्त दबाव
जिले के कई अस्पताल पहले ही सीमित चिकित्सकों के भरोसे चल रहे हैं. ऐसे में वर्षों से अनुपस्थित डॉक्टरों की वजह से कार्यरत चिकित्सकों को अतिरिक्त मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है. इसका असर ओपीडी, इमरजेंसी और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा है. कई मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है.
कहीं दूसरी नौकरी, कहीं निजी प्रैक्टिस की चर्चा
विभागीय सूत्रों के अनुसार कई अनुपस्थित चिकित्सकों ने दूसरी जगह नौकरी ज्वाइन कर ली है, जबकि कुछ निजी क्लीनिक चला रहे हैं. कुछ डॉक्टर ग्रामीण या दूरस्थ क्षेत्रों में पोस्टिंग होने के कारण ड्यूटी पर नहीं लौटे. हालांकि इन सभी मामलों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
विभाग ने कार्रवाई की बात दोहराई
Health Crisis: स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कुछ चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जा चुकी है, जबकि अन्य के संबंध में राज्य स्तर से जानकारी जुटाई जा रही है. भागलपुर के सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने बताया कि अनुपस्थित चिकित्सकों की सूची विभाग को भेज दी गई है. राज्य सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.डॉक्टरों की वर्षों तक अनुपस्थिति और समय पर कार्रवाई नहीं होने का मामला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रहा है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और गंभीर हो सकती है, जिसका सबसे बड़ा नुकसान आम मरीजों को ही उठाना पड़ेगा.
वर्षों से अनुपस्थित चिकित्सकों की सूची
| क्रमांक | चिकित्सक | अनुपस्थिति की तिथि |
|---|---|---|
| 1 | डॉ. मनिशा | 02.03.2018 |
| 2 | डॉ. राकेश कुमार निराला | 11.12.2020 |
| 3 | डॉ. निशांत शर्मा | 24.10.2025 |
| 4 | डॉ. मनोहर कुमार जायसवाल | 19.09.2024 |
| 5 | डॉ. सुमन कुमार | 03.03.2022 |
| 6 | डॉ. पंकज कुमार गुप्ता | 21.10.2022 |
| 7 | डॉ. मुकेश कुमार | 07.04.2022 |
| 8 | डॉ. साकिब आलम | 10.09.2021 |
| 9 | डॉ. मो. इम्तियाज अहमद | 20.10.2022 |
| 10 | डॉ. सुधांशु कुमार | 18.04.2024 |
| 11 | डॉ. अंसारी इमामुल आरफिन | 30.11.2018 |
| 12 | डॉ. पल्लवी महेश्वरी | 25.07.2021 |
| 13 | डॉ. सोनी परबीन | 29.10.2023 |
| 14 | डॉ. बिंदु कुमारी | 16.09.2021 |
| 15 | डॉ. चंदन कुमार | 31.10.2025 |
| 16 | डॉ. गोपीनाथ भगल | 03.12.2022 |
| 17 | डॉ. अमित कुमार | 01.06.2021 |
| 18 | डॉ. कविता सहदेव | 01.04.2022 |
| 19 | डॉ. सुमित कुमार | 25.11.2021 |
| 20 | डॉ. पिंटू कुमार | 01.10.2021 |
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